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उतर पुस्तिकाओं की जांच में सही पाया गया मूल्यांकन
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- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी में बीएससी द्वितीय वर्ष रसायन विज्ञान के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही बताया है जबकि परीक्षार्थियों ने मूल्यांकन किए बगैर सुधार परीक्षा के परिणाम जारी करने का आरोप लगाया था। कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल के निर्देश पर विषय विशेषज्ञों से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कराई गई।
मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत ने बताया कि एमबीपीजी कॉलेज की प्राचार्य के माध्यम से प्राप्त प्रत्यावेदन में वर्णित अनुक्रमांक, विद्यार्थियों की ओर से आरटीआई में मांगी गई उत्तर पुस्तिकाओं की गहनता से जांच करने पर सभी में मूल्यांकन सही पाए गए हैं। प्रो. पंत ने बताया कि विवि नियमों के अनुसार सुधार परीक्षा के दौरान यदि किसी विद्यार्थी के अंक कम आते हैं तो मूल परीक्षा के अंकों के साथ परीक्षा परिणाम को जारी किया जाता है। कहा कि अगर अभी भी किसी विद्यार्थी को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर कोई शंका है तो वे आरटीआई के तहत प्रत्यावेदन कर सकता है। प्रो. पंत ने कहा कि प्रत्यावेदन प्राप्त होने की दशा में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में सही पाया गया मूल्यांकन
कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल के आदेश पर गठित समिति ने की जांच
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मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत ने बताया कि एमबीपीजी कॉलेज की प्राचार्य के माध्यम से प्राप्त प्रत्यावेदन में वर्णित अनुक्रमांक, विद्यार्थियों की ओर से आरटीआई में मांगी गई उत्तर पुस्तिकाओं की गहनता से जांच करने पर सभी में मूल्यांकन सही पाए गए हैं। प्रो. पंत ने बताया कि विवि नियमों के अनुसार सुधार परीक्षा के दौरान यदि किसी विद्यार्थी के अंक कम आते हैं तो मूल परीक्षा के अंकों के साथ परीक्षा परिणाम को जारी किया जाता है। कहा कि अगर अभी भी किसी विद्यार्थी को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर कोई शंका है तो वे आरटीआई के तहत प्रत्यावेदन कर सकता है। प्रो. पंत ने कहा कि प्रत्यावेदन प्राप्त होने की दशा में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में सही पाया गया मूल्यांकन
कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल के आदेश पर गठित समिति ने की जांच