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महत्वपूर्ण जानकारी बटोर लौटी वैज्ञानिकों की टीम
Updated Tue, 11 Dec 2018 01:55 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। भूकंप का सबसे बड़ा कारक टेक्टोनिक प्लेटों का मूवमेंट को भांपने आई भूगर्भ वैज्ञानिकों की टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इससे भविष्य में आने वाले भूकंप के संबंध में सटीक जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा भी रामनगर से कालाढूंगी के बीच एकत्र किए गए डाटा का विश्लेषण करने के बाद टीम सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।
रामनगर से लेकर कालाढूंगी तक क्षणिक विद्युत चुंबकीय तकनीक को हेलीकॉप्टर में लगाकर की जा रही टेस्टिंग सफल हुई है। इस दौरान टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। टीम के वैज्ञानिक ने बताया कि कालाढूंगी से लेकर रामनगर तक दस बिंदु तैयार किए गए थे। इन्हीं दस बिंदुओं को केंद्रित कर जांच की जा रही थी। जब भी हेलीकॉप्टर लूप के साथ उड़ान भरता तो वह इन दस बिंदुओं पर कम से कम पांच से दस सेकेंड तक रुकता और वहां से जमीन के अंदर डाटा को एकत्र करता था। राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद) हैदराबाद के वैज्ञानिकों की टीम के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अजय मांगलिक के अनुसार हेलिबोर्न क्षणिक विद्युत चुंबकीय तकनीक से भूमि के अंदर चल रही गतिविधियों को आसानी से परखा जा सकता है। पांच दिन की टेस्टिंग में काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। टेस्टिंग के दौरान मिले डाटा का अभी विश्लेषण किया जाएगा और एक रिपोर्ट बनाकर सरकार को दी जाएगी। वहीं सूत्रों की मानें तो सफल टेस्टिंग के बाद अब वैज्ञानिकों की टीम अगले साल फरवरी और मार्च के बीच फिर से आएगी।
महत्वपूर्ण जानकारी बटोर लौटी वैज्ञानिकों की टीम
क्षणिक विद्युत चुंबकीय तकनीक रही सफल
टेस्टिंग में मिले डाटा का विश्लेषण कर सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट
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रामनगर से लेकर कालाढूंगी तक क्षणिक विद्युत चुंबकीय तकनीक को हेलीकॉप्टर में लगाकर की जा रही टेस्टिंग सफल हुई है। इस दौरान टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। टीम के वैज्ञानिक ने बताया कि कालाढूंगी से लेकर रामनगर तक दस बिंदु तैयार किए गए थे। इन्हीं दस बिंदुओं को केंद्रित कर जांच की जा रही थी। जब भी हेलीकॉप्टर लूप के साथ उड़ान भरता तो वह इन दस बिंदुओं पर कम से कम पांच से दस सेकेंड तक रुकता और वहां से जमीन के अंदर डाटा को एकत्र करता था। राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद) हैदराबाद के वैज्ञानिकों की टीम के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अजय मांगलिक के अनुसार हेलिबोर्न क्षणिक विद्युत चुंबकीय तकनीक से भूमि के अंदर चल रही गतिविधियों को आसानी से परखा जा सकता है। पांच दिन की टेस्टिंग में काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। टेस्टिंग के दौरान मिले डाटा का अभी विश्लेषण किया जाएगा और एक रिपोर्ट बनाकर सरकार को दी जाएगी। वहीं सूत्रों की मानें तो सफल टेस्टिंग के बाद अब वैज्ञानिकों की टीम अगले साल फरवरी और मार्च के बीच फिर से आएगी।
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महत्वपूर्ण जानकारी बटोर लौटी वैज्ञानिकों की टीम
क्षणिक विद्युत चुंबकीय तकनीक रही सफल
टेस्टिंग में मिले डाटा का विश्लेषण कर सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट