{"_id":"5bf0776dbdec2269351dd404","slug":"1542485919192-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैनीताल का बर्थडे मनाने इंग्लैंड से आईं 92 वर्षीय वृद्धा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैनीताल का बर्थडे मनाने इंग्लैंड से आईं 92 वर्षीय वृद्धा
Updated Sun, 18 Nov 2018 01:47 AM IST
विज्ञापन
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल की यादें विदेशी पर्यटकों में भी बसी हुई हैं। इसकी सुंदरता के कायल लोग पल भर की शांति और सुकून पाने के लिए हजारों किमी दूर से भी खिंचे चले जाते हैं। इन्हीं में से एक इंग्लैंड निवासी 92 वर्षीय फियोनों रॉयल डेनिसन लाखों रुपये खर्च कर सिर्फ नैनीताल का जन्मदिन मनाने यहां परिवार समेत पहुंचीं हैं।
नैनी रिट्रीट होटल में 14 नवंबर को छोटे भाई पीटर जोंस और भाभी शिला के साथ पहुंची फियोनों ने भावुक होकर अमर उजाला से नैनीताल में बिताए दिनों की यादें साझा कीं। फियोनों ने बताया कि उनके पिता एशले जोंस 1937 में कोलकाता में पुलिस उपमहानिरीक्षक थे। अपने ऊपर हमले के खतरे को देखते हुए पिता ने भाई पीटर के साथ उन्हें नैनीताल भेज दिया। इस दौरान उन्होंने सेंट मेरीज कॉन्वेंट नैनीताल से 1939 में जूनियर और 1944 में सीनियर कैम्ब्रिज की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने स्कूल में रहते हुए हॉकी सीखी और कप्तान रहते हुए स्थानीय ऑल सेंट्स स्कूल की टीम को पराजित किया। बाद में वे जबलपुर चली गईं। 1945 में इंडिया की महिला टीम के लिए हॉकी खेली। 27 सितंबर 1943 को मल्लीताल के नाचघर (वर्तमान में कैपिटल सिनेमा) में उनकी मुलाकात ब्रिगेडियर गॉर्डन डेनिसन से हुई। जो बाद में प्रेम में बदल गई। ब्रिगेडियर गार्डन तब मेरठ में नियुक्त थे और नैनीताल घूमने आए थे। फियोनों ने जबलपुर में उनसे शादी की। फियोनों अपने पति के साथ 1947 में लंदन जाने से पहले नैनीताल क्लब में हनीमून मनाने भी आईं थीं। लंदन में ब्रिगेडियर गार्डन महारानी एलिजाबेथ के एडीसी नियुक्त हुए और वर्ष 2001 में इंग्लैंड के फानम से मेयर चुने गए। नैनीताल से जुड़ीं यादें उन्हें नैनीताल खींच लाई हैं। रविवार को नैनीताल के 177वें जन्मदिन पर विशेष कार्यक्रम में केक काटेंगी।
नैनीताल का बर्थडे मनाने इंग्लैंड से आईं 92 वर्षीय फियोनों
साथ में भाई और भाभी भी पहुंचे सरोवर नगरी
80 वर्ष पूर्व नैनीताल में हुई थी शिक्षा-दीक्षा
क्वीन एलिजाबेथ के पूर्व एडीसी और मेयर की पत्नी हैं फियोनों
जिम कॉर्बेट थे फियोनों के पिता के मित्र
फियोनों ने बताया कि उनके पिता जिम एडवर्ड कॉर्बेट के घनिष्ठ मित्र थे। नैनीताल पहुंचने के बाद वे अपनी मित्र गीता पांडे के साथ किलबरी घूमने गईं। वे अपने पुराने स्कूल सेंट मेरीज और भाई के स्कूल शेरवुड भी जाएंगी।
विज्ञापन
शेरवुड में भाई पीटर ने सीखी बॉक्सिंग
फियोनों के साथ आए 86 वर्षीय उनके छोटे भाई पीटर जोंस ने शेरवुड स्कूल में पढ़ाई की थी। इसके बाद वो दार्जिलिंग चले गए और वहीं सेंट पॉल स्कूल से शिक्षा ग्रहण की। पीटर ने बताया कि शेरवुड स्कूल में अनिवार्य रूप से खेली जाने वाली बॉक्सिंग का उन पर ऐसा असर पड़ा कि उन्होंने इंग्लैंड जाने के बाद प्रोफेशनल बॉक्सिंग में भाग लिया। पीटर 1947 में लंदन जाने के बाद रॉयल ब्रिटिश एयर फोर्स में भर्ती हुए और वहीं से सेवानिवृत्त हुए। पीटर के साथ उनकी पत्नी शिला भी आई हैं। फियोनों वर्तमान में लंदन और उनके भाई केंटबरी में रहते हैं। होटल के जीएम आनंद मेहता ने बताया कि उनके मेहमानों का नैनीताल प्रेम देखकर पूरा होटल प्रबंधन, कर्मी आश्चर्यचकित हैं। वे इन मेहमानों के लिए नैनीताल के जन्मदिन पर विशेष पार्टी का आयोजन कर रहे हैं।
विज्ञापन
नैनी रिट्रीट होटल में 14 नवंबर को छोटे भाई पीटर जोंस और भाभी शिला के साथ पहुंची फियोनों ने भावुक होकर अमर उजाला से नैनीताल में बिताए दिनों की यादें साझा कीं। फियोनों ने बताया कि उनके पिता एशले जोंस 1937 में कोलकाता में पुलिस उपमहानिरीक्षक थे। अपने ऊपर हमले के खतरे को देखते हुए पिता ने भाई पीटर के साथ उन्हें नैनीताल भेज दिया। इस दौरान उन्होंने सेंट मेरीज कॉन्वेंट नैनीताल से 1939 में जूनियर और 1944 में सीनियर कैम्ब्रिज की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने स्कूल में रहते हुए हॉकी सीखी और कप्तान रहते हुए स्थानीय ऑल सेंट्स स्कूल की टीम को पराजित किया। बाद में वे जबलपुर चली गईं। 1945 में इंडिया की महिला टीम के लिए हॉकी खेली। 27 सितंबर 1943 को मल्लीताल के नाचघर (वर्तमान में कैपिटल सिनेमा) में उनकी मुलाकात ब्रिगेडियर गॉर्डन डेनिसन से हुई। जो बाद में प्रेम में बदल गई। ब्रिगेडियर गार्डन तब मेरठ में नियुक्त थे और नैनीताल घूमने आए थे। फियोनों ने जबलपुर में उनसे शादी की। फियोनों अपने पति के साथ 1947 में लंदन जाने से पहले नैनीताल क्लब में हनीमून मनाने भी आईं थीं। लंदन में ब्रिगेडियर गार्डन महारानी एलिजाबेथ के एडीसी नियुक्त हुए और वर्ष 2001 में इंग्लैंड के फानम से मेयर चुने गए। नैनीताल से जुड़ीं यादें उन्हें नैनीताल खींच लाई हैं। रविवार को नैनीताल के 177वें जन्मदिन पर विशेष कार्यक्रम में केक काटेंगी।
विज्ञापन
नैनीताल का बर्थडे मनाने इंग्लैंड से आईं 92 वर्षीय फियोनों
साथ में भाई और भाभी भी पहुंचे सरोवर नगरी
80 वर्ष पूर्व नैनीताल में हुई थी शिक्षा-दीक्षा
क्वीन एलिजाबेथ के पूर्व एडीसी और मेयर की पत्नी हैं फियोनों
जिम कॉर्बेट थे फियोनों के पिता के मित्र
फियोनों ने बताया कि उनके पिता जिम एडवर्ड कॉर्बेट के घनिष्ठ मित्र थे। नैनीताल पहुंचने के बाद वे अपनी मित्र गीता पांडे के साथ किलबरी घूमने गईं। वे अपने पुराने स्कूल सेंट मेरीज और भाई के स्कूल शेरवुड भी जाएंगी।
विज्ञापन
शेरवुड में भाई पीटर ने सीखी बॉक्सिंग
फियोनों के साथ आए 86 वर्षीय उनके छोटे भाई पीटर जोंस ने शेरवुड स्कूल में पढ़ाई की थी। इसके बाद वो दार्जिलिंग चले गए और वहीं सेंट पॉल स्कूल से शिक्षा ग्रहण की। पीटर ने बताया कि शेरवुड स्कूल में अनिवार्य रूप से खेली जाने वाली बॉक्सिंग का उन पर ऐसा असर पड़ा कि उन्होंने इंग्लैंड जाने के बाद प्रोफेशनल बॉक्सिंग में भाग लिया। पीटर 1947 में लंदन जाने के बाद रॉयल ब्रिटिश एयर फोर्स में भर्ती हुए और वहीं से सेवानिवृत्त हुए। पीटर के साथ उनकी पत्नी शिला भी आई हैं। फियोनों वर्तमान में लंदन और उनके भाई केंटबरी में रहते हैं। होटल के जीएम आनंद मेहता ने बताया कि उनके मेहमानों का नैनीताल प्रेम देखकर पूरा होटल प्रबंधन, कर्मी आश्चर्यचकित हैं। वे इन मेहमानों के लिए नैनीताल के जन्मदिन पर विशेष पार्टी का आयोजन कर रहे हैं।