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चुनाव में 13 हजार महिला वोटरों की होगी अहम भूमिका
Updated Sun, 04 Nov 2018 02:28 AM IST
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महिला मतदाता
- फोटो : Amar Ujala
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नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका चुनाव में इस बार पुरुषों के साथ-साथ महिला वोटर भी महत्वपूर्ण भूमिका में रहेंगी। कुल 28 हजार 156 मतदाताओं में 13825 महिला वोटर हैं। प्रत्याशियों की जीत हार में महिलाओं का अहम रोल रहेगा।
नगर पालिका नैनीताल हमेशा से ही हॉट सीट रही है। यहां चेयरमैन रहे कई जनप्रतिनिधि विधायक की कुर्सी तक पहुंचे हैं। इस बार कुल 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें तीन महिला प्रत्याशी नलिनी नेगी, दीपा मिश्रा, डॉ. सरस्वती खेतवाल हैं। साल 2003 में सरिता आर्या निर्दलीय चेयरमैन बनीं। इसके बाद मुकेश जोशी मंटू, श्याम नारायण को चेयरमैन की कुर्सी मिली। हालांकि 21 साल के लंबे समय में सिर्फ एक महिला सरिता आर्या को चेयरमैन बनने का मौका मिला, वो भी तब जब सीट महिला आरक्षित थी। इसके बाद कोई महिला नैनीताल की चेयरमैन नहीं बनी। जनता ने महिलाओं को चेयरमैन बनाने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। यहां बड़े राजनीतिक दल भी महिलाओं पर दांव कम ही लगाते हैं। महिलाएं भले ही टिकट के लिए दावेदारी करती रहीं, लेकिन आखिर में टिकट पुरुषों को ही मिलता है। भाजपा, कांग्रेस, यूकेडी, बसपा, सपा समेत किसी भी बड़ी राजनीतिक पार्टी ने इस बार महिला को अपना प्रत्याशी नहीं बनाया है, जबकि कई महिलाएं टिकट की लाइन में थीं। इस बार अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रहीं सभी महिला प्रत्याशी निर्दलीय हैं।
नैनीताल में कुल 28156 मतदाताओं में 13 हजार महिला वोटर
21 साल में सिर्फ एक महिला रही है नैनीताल की चेयरमैन
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नगर पालिका नैनीताल हमेशा से ही हॉट सीट रही है। यहां चेयरमैन रहे कई जनप्रतिनिधि विधायक की कुर्सी तक पहुंचे हैं। इस बार कुल 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें तीन महिला प्रत्याशी नलिनी नेगी, दीपा मिश्रा, डॉ. सरस्वती खेतवाल हैं। साल 2003 में सरिता आर्या निर्दलीय चेयरमैन बनीं। इसके बाद मुकेश जोशी मंटू, श्याम नारायण को चेयरमैन की कुर्सी मिली। हालांकि 21 साल के लंबे समय में सिर्फ एक महिला सरिता आर्या को चेयरमैन बनने का मौका मिला, वो भी तब जब सीट महिला आरक्षित थी। इसके बाद कोई महिला नैनीताल की चेयरमैन नहीं बनी। जनता ने महिलाओं को चेयरमैन बनाने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। यहां बड़े राजनीतिक दल भी महिलाओं पर दांव कम ही लगाते हैं। महिलाएं भले ही टिकट के लिए दावेदारी करती रहीं, लेकिन आखिर में टिकट पुरुषों को ही मिलता है। भाजपा, कांग्रेस, यूकेडी, बसपा, सपा समेत किसी भी बड़ी राजनीतिक पार्टी ने इस बार महिला को अपना प्रत्याशी नहीं बनाया है, जबकि कई महिलाएं टिकट की लाइन में थीं। इस बार अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रहीं सभी महिला प्रत्याशी निर्दलीय हैं।
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नैनीताल में कुल 28156 मतदाताओं में 13 हजार महिला वोटर
21 साल में सिर्फ एक महिला रही है नैनीताल की चेयरमैन