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क्यारी रोड के भदरगढ़ी नाले पर पुल बनेगा जल्द
Updated Sun, 14 Oct 2018 01:56 AM IST
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क्यारी रोड पर पुल बनेगा
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। बेलगढ़ से क्यारी गांव जाने वाले मार्ग पर भदरगढ़ी नाले पर रोका गया पुल निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। मुख्य वन संरक्षक ने इस रूट की भूमि हस्तांतरण संबंधी आपत्तियों के निस्तारण की पुष्टि की है।
क्यारी के ग्रामीण कई साल से गांव को पक्की सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे थे। वर्ष 2006 में जारी शासनादेश के बाद 2012 में लोनिवि के पक्ष में छह किमी लंबी बेलगढ़-क्यारी सड़क के लिए भूमि हस्तांतरण हुआ लेकिन मंजूरी में हुई देरी के कारण पुरानी दर पर मंजूर राशि से सिर्फ डेढ़ किमी लंबी सड़क ही बन सकी। इस कारण बाकी काम पीएमजीएसवाई खंड काठगोदाम को सौंप दिया गया। शासन ने भदरगढ़ी नाले पर पुल बनाने के लिए 176.33 लाख रुपये स्वीकृत किए। मैसर्स केजीएन इंफ्रांस्ट्रक्चर्स को पुल बनाने का ठेका मिला। एक जनवरी 2017 से शुरू होकर काम 31 दिसंबर 2017 को समाप्त होना था लेकिन वन विभाग, पीएमजीएसवाई की आपसी खींचतान के कारण पुल का काम रुक गया था। इससे परेशान ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे। उन्होंने इस मोटर मार्ग को पांच किमी आगे ग्राम पवलगढ़ से जोड़ने की भी मांग की थी। इस मामले को सुलझाने के लिए पश्चिमी वृत्त हल्द्वानी के वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते ने शासन से आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति पूछी थी। मुख्य वन संरक्षक एवं वन संरक्षण के नोडल अधिकारी मनोज चंद्रन ने नौ अक्तूबर को वन संरक्षक भेजे पत्र में बताया कि भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव में सड़क के साथ पुलिया निर्माण का प्रस्ताव भी सम्मिलित है।
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क्यारी के ग्रामीण कई साल से गांव को पक्की सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे थे। वर्ष 2006 में जारी शासनादेश के बाद 2012 में लोनिवि के पक्ष में छह किमी लंबी बेलगढ़-क्यारी सड़क के लिए भूमि हस्तांतरण हुआ लेकिन मंजूरी में हुई देरी के कारण पुरानी दर पर मंजूर राशि से सिर्फ डेढ़ किमी लंबी सड़क ही बन सकी। इस कारण बाकी काम पीएमजीएसवाई खंड काठगोदाम को सौंप दिया गया। शासन ने भदरगढ़ी नाले पर पुल बनाने के लिए 176.33 लाख रुपये स्वीकृत किए। मैसर्स केजीएन इंफ्रांस्ट्रक्चर्स को पुल बनाने का ठेका मिला। एक जनवरी 2017 से शुरू होकर काम 31 दिसंबर 2017 को समाप्त होना था लेकिन वन विभाग, पीएमजीएसवाई की आपसी खींचतान के कारण पुल का काम रुक गया था। इससे परेशान ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे। उन्होंने इस मोटर मार्ग को पांच किमी आगे ग्राम पवलगढ़ से जोड़ने की भी मांग की थी। इस मामले को सुलझाने के लिए पश्चिमी वृत्त हल्द्वानी के वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते ने शासन से आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति पूछी थी। मुख्य वन संरक्षक एवं वन संरक्षण के नोडल अधिकारी मनोज चंद्रन ने नौ अक्तूबर को वन संरक्षक भेजे पत्र में बताया कि भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव में सड़क के साथ पुलिया निर्माण का प्रस्ताव भी सम्मिलित है।
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