{"_id":"5ba54fcb867a557f721c2582","slug":"153756050311-ramnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी आठ हाथी स्वास्थ्य परीक्षण में मिले स्वस्थ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी आठ हाथी स्वास्थ्य परीक्षण में मिले स्वस्थ
Updated Sat, 22 Sep 2018 01:38 AM IST
विज्ञापन
रामनगर में हाथी की जांच करते चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला
रामनगर (नैनीताल)। उच्च न्यायालय के आदेश पर आसपास के रिजॉर्टों से नौ अगस्त को आठ पालतू हाथियों को मुक्त कराया गया था। इन्हें रामनगर वन प्रभाग के आमडंडा परिसर में रखने के बाद उन्हें कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के कालागढ़ डिविजन में भेजा जा रहा था, लेकिन दो हाथियों में टीबी के लक्षण मिलने पर कोसी रेंज के आमडंडा परिसर में ही उनका इलाज किया जा रहा है।
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) इज्जतनगर बरेली की टीम ने भी शुक्रवार को हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। आमडंडा स्थित कैंप में आईवीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एके शर्मा के नेतृत्व में हाथियों के शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें चिकित्सकों ने टीबी के लक्षण को नकारते हुए सभी आठ हाथियों को स्वस्थ बताया।
टीम ने हाथियों को चारा खिलाने, महावतों को हाथियों की देखभाल के सुझाव दिए। उन्हें बाडे़ में खोलकर रखने, लोहे की मोटी चेन हटाकर पट्टेदार चेन लगाने को कहा, ताकि हाथियों के पैरों में घाव न हो सके।
विज्ञापन
रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ नेहा वर्मा ने बताया कि इन हाथियों पर करीब 36 लाख रुपये का खर्चा आ चुका है। अब इनके रहने के लिए अब स्थायी व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के डॉ. पराग निगम, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा, तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी डॉ. आयुष उनियाल, रामनगर वन प्रभाग के एसडीओ केएन भारती, कोसी रेंज के रेंजर बीपी पंत, हरिशंकर रावत आदि थे।
- विशेषज्ञों ने रिजॉर्टों से मुक्त कराए हाथियों में टीबी के लक्षण नकारे
- पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर बरेली की टीम ने की जांच
विज्ञापन
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) इज्जतनगर बरेली की टीम ने भी शुक्रवार को हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। आमडंडा स्थित कैंप में आईवीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एके शर्मा के नेतृत्व में हाथियों के शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें चिकित्सकों ने टीबी के लक्षण को नकारते हुए सभी आठ हाथियों को स्वस्थ बताया।
विज्ञापन
टीम ने हाथियों को चारा खिलाने, महावतों को हाथियों की देखभाल के सुझाव दिए। उन्हें बाडे़ में खोलकर रखने, लोहे की मोटी चेन हटाकर पट्टेदार चेन लगाने को कहा, ताकि हाथियों के पैरों में घाव न हो सके।
विज्ञापन
रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ नेहा वर्मा ने बताया कि इन हाथियों पर करीब 36 लाख रुपये का खर्चा आ चुका है। अब इनके रहने के लिए अब स्थायी व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के डॉ. पराग निगम, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा, तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी डॉ. आयुष उनियाल, रामनगर वन प्रभाग के एसडीओ केएन भारती, कोसी रेंज के रेंजर बीपी पंत, हरिशंकर रावत आदि थे।
- विशेषज्ञों ने रिजॉर्टों से मुक्त कराए हाथियों में टीबी के लक्षण नकारे
- पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर बरेली की टीम ने की जांच