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कुविवि: प्रोफेशनल कोर्सों में अब 40 फीसदी अंकों में मिलेगा प्रवेश
Updated Sun, 16 Sep 2018 02:02 AM IST
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने 76 प्रोफेशनल कोर्सों में एकरूपता लाने की कवायद शुरू की है। इसके लिए शनिवार को कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल की अध्यक्षता में प्रशासनिक भवन में बैठक हुई। इसमें विवि में संचालित सभी विभागों की सहमति से नियमावली में परिवर्तन किया गया। परिवर्तित नियम के अनुसार अब इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए न्यूनतम 40 फीसदी अंकों की सीमा तय कर दी गई है। पाठ्यक्रमों की नियमावली में हुए परिवर्तन विवि के दोनों परिसरों सहित संबद्ध सरकारी, निजी कॉलेजों में भी लागू होंगे।
कुमाऊं विवि में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को लेकर सभी विभागों के प्रवेश, परीक्षा पास करने को लेकर अलग नियम थे, जिससे कई परेशानियां आती थीं। कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने कहा कि नियमों के एक समान होने विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। परीक्षा परिणाम जारी करने में भी आसानी होगी। उन्होंने बताया कि एआईसीटीई और अन्य केंद्रीय संस्थाओं की ओर से विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए जो मानक तय किए गए हैं, वह यथावत रहेंगे। विवि व्यावसायिक पाठ्यक्रम के संयोजक डॉ. अतुल जोशी ने बताया कि स्नातक, परास्नातक, व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तय की गई 40 फीसदी अंकों की सीमा का नियम अगले शिक्षा सत्र से लागू किया जाएगा जबकि परीक्षाओं को लेकर परिवर्तित किए गए नियम इसी सत्र से प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों के नियमों को एक समान करने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे और इसके लिए विभिन्न विभागों से राय ली गई थी। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत, परिसर निदेशक अल्मोड़ा आरएस पथनी सहित पत्रकारिता, बायोटेक, पर्यटन, बीबीए, गृह विज्ञान आदि विभागाध्यक्ष रहे।
बैठक कर प्रोफेशनल कोर्सों की नियमावली में किया परिवर्तन
प्रवेश के लिए अगले सत्र से लागू होंगे नियम
थ्योरी और आंतरिक मूल्यांकन दोनों में पास होना जरूरी
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की नियमावली में हुए परिवर्तन के बाद अब विद्यार्थियों को थ्योरी और आंतरिक मूल्यांकन दोनों में अलग-अलग पास होना अनिवार्य होगा। नए नियमों के अनुसार अब थ्योरी और आंतरिक मूल्यांकन में विद्यार्थियों को पास होने के लिए 36-36 फीसदी अंक लाने होंगे। इस परीक्षा में अब 36 से 48 फीसदी अंक में तृतीय, 48 से 60 फीसदी अंकों में द्वितीय, 60 फीसदी से अधिक अंकों में प्रथम श्रेणी होगी।
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अंतिम सेमेस्टर वालों को स्पेशल बैक की सुविधा
इन पाठ्यक्रमों में स्नातक और परास्नातक के विद्यार्थियों को अंतिम सेमेस्टर में स्पेशल बैक की सुविधा दी जाएगी। जिन विषयों में चार से कम प्रश्न पत्र हैं, उनमें एक प्रश्न पत्र और जिनमें चार या चार से अधिक प्रश्न पत्र हैं, उनमें दो प्रश्न पत्रों की बैक परीक्षा देने की सुविधा विद्यार्थियों को दी जाएगी।
15 नवंबर से सेमेस्टर परीक्षाएं
विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत ने बताया कि स्नातक, परास्नातक स्तर में विभिन्न सेमेस्टरों की परीक्षाएं 15 नवंबर से शुरू होंगी। उन्होंने दोनों परिसरों और संबद्ध कॉलेजों से समय पर आंतरिक मूल्यांकन के अंक विवि को भेजने को कहा है।
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कुमाऊं विवि में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को लेकर सभी विभागों के प्रवेश, परीक्षा पास करने को लेकर अलग नियम थे, जिससे कई परेशानियां आती थीं। कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने कहा कि नियमों के एक समान होने विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। परीक्षा परिणाम जारी करने में भी आसानी होगी। उन्होंने बताया कि एआईसीटीई और अन्य केंद्रीय संस्थाओं की ओर से विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए जो मानक तय किए गए हैं, वह यथावत रहेंगे। विवि व्यावसायिक पाठ्यक्रम के संयोजक डॉ. अतुल जोशी ने बताया कि स्नातक, परास्नातक, व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तय की गई 40 फीसदी अंकों की सीमा का नियम अगले शिक्षा सत्र से लागू किया जाएगा जबकि परीक्षाओं को लेकर परिवर्तित किए गए नियम इसी सत्र से प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों के नियमों को एक समान करने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे और इसके लिए विभिन्न विभागों से राय ली गई थी। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत, परिसर निदेशक अल्मोड़ा आरएस पथनी सहित पत्रकारिता, बायोटेक, पर्यटन, बीबीए, गृह विज्ञान आदि विभागाध्यक्ष रहे।
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बैठक कर प्रोफेशनल कोर्सों की नियमावली में किया परिवर्तन
प्रवेश के लिए अगले सत्र से लागू होंगे नियम
थ्योरी और आंतरिक मूल्यांकन दोनों में पास होना जरूरी
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की नियमावली में हुए परिवर्तन के बाद अब विद्यार्थियों को थ्योरी और आंतरिक मूल्यांकन दोनों में अलग-अलग पास होना अनिवार्य होगा। नए नियमों के अनुसार अब थ्योरी और आंतरिक मूल्यांकन में विद्यार्थियों को पास होने के लिए 36-36 फीसदी अंक लाने होंगे। इस परीक्षा में अब 36 से 48 फीसदी अंक में तृतीय, 48 से 60 फीसदी अंकों में द्वितीय, 60 फीसदी से अधिक अंकों में प्रथम श्रेणी होगी।
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अंतिम सेमेस्टर वालों को स्पेशल बैक की सुविधा
इन पाठ्यक्रमों में स्नातक और परास्नातक के विद्यार्थियों को अंतिम सेमेस्टर में स्पेशल बैक की सुविधा दी जाएगी। जिन विषयों में चार से कम प्रश्न पत्र हैं, उनमें एक प्रश्न पत्र और जिनमें चार या चार से अधिक प्रश्न पत्र हैं, उनमें दो प्रश्न पत्रों की बैक परीक्षा देने की सुविधा विद्यार्थियों को दी जाएगी।
15 नवंबर से सेमेस्टर परीक्षाएं
विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत ने बताया कि स्नातक, परास्नातक स्तर में विभिन्न सेमेस्टरों की परीक्षाएं 15 नवंबर से शुरू होंगी। उन्होंने दोनों परिसरों और संबद्ध कॉलेजों से समय पर आंतरिक मूल्यांकन के अंक विवि को भेजने को कहा है।