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अस्पताल की एनबीएसयू में नहीं विशेषज्ञ डॉक्टर
Updated Fri, 17 Aug 2018 02:33 AM IST
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ICU
- फोटो : amarujala
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रामनगर (नैनीताल)। विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी के चलते रामदत्त जोशी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में बनी नवजात शिशु स्थिरीकरण केंद्र (एनबीएसयू) वार्ड में रखी चार मशीनें शोपीस बनी हैं। ऐसे में गंभीर नवजात को रेफर करना ही एकमात्र विकल्प होता है।
इस अस्पताल में बेतालघाट, कोटाबाग समेत जिला अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल के भी रोगी आते हैं। इनके लिए अस्पताल में 200 बेड लगाए गए हैं। गर्भवती महिलाओं के सामान्य प्रसव होते हैं, लेकिन ऑपरेशन के जरिए प्रसव की सुविधा नहीं है क्योंकि अस्पताल के पास महिला सर्जन डॉक्टर नहीं हैं। यहां नवजात शिशुओं के लिए वर्ष 2015 में एनबीएसयू वार्ड बनाया गया था। इसमें फोटोथैरेपी, नॉर्मन की दो-दो मशीनें हैं। मशीन चलाने लिए स्टाफ तो है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव पुनेठा ने बताया कि अधिक तकलीफ होने पर नवजात को रेफर कर दिया जाता है।
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। एनबीएसयू में भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। इसलिए कई मरीजों को रेफर किया जाता है। कई बार शासन को अवगत कराया जा चुका है।
- डॉ. टीके पंत, सीएमएस, रामनगर अस्पताल।
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इस अस्पताल में बेतालघाट, कोटाबाग समेत जिला अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल के भी रोगी आते हैं। इनके लिए अस्पताल में 200 बेड लगाए गए हैं। गर्भवती महिलाओं के सामान्य प्रसव होते हैं, लेकिन ऑपरेशन के जरिए प्रसव की सुविधा नहीं है क्योंकि अस्पताल के पास महिला सर्जन डॉक्टर नहीं हैं। यहां नवजात शिशुओं के लिए वर्ष 2015 में एनबीएसयू वार्ड बनाया गया था। इसमें फोटोथैरेपी, नॉर्मन की दो-दो मशीनें हैं। मशीन चलाने लिए स्टाफ तो है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव पुनेठा ने बताया कि अधिक तकलीफ होने पर नवजात को रेफर कर दिया जाता है।
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अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। एनबीएसयू में भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। इसलिए कई मरीजों को रेफर किया जाता है। कई बार शासन को अवगत कराया जा चुका है।
- डॉ. टीके पंत, सीएमएस, रामनगर अस्पताल।