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मंडल के अधिकारियों की छुट्टी सितंबर तक निरस्त
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:16 AM IST
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आयुक्त ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए
नैनीताल। कुमाऊं मंडल में भी मानसून ने दस्तक दे दी है जिसे देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए। रौतेला ने मंडल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी सितंबर तक निरस्त करने को कहा।
उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि वर्षाकाल के दौरान विषम हालातों से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर समितियों का गठन करें और वर्षा की चेतावनी के दौरान अलर्ट रहें। उन्होंने जिला मुख्यालय तथा तहसील में कंट्रोल रूम सक्रिय करने को कहा। उन्होंने डीएम वीके सुमन और डॉ. नीरज खैरवाल को वर्षाकाल के दौरान जलभराव वाली सड़कों पर चेतावनी वाले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। वर्षाकाल के दौरान सभी ट्रैकिंग और यात्राओं के कार्यक्रम स्थगित रखने को कहा गया है। इसके अलावा नदियों के किनारे खतरे की जद में आए लोगों समेत सरकारी भवन, स्कूल आदि को समय रहते अन्यत्र शिफ्ट किया जाए। डीएम पिथौरागढ़ वंदना सिंह और डीएम बागेश्वर रंजना राजगुरु को बंद सड़कों को तत्काल खोलने के निर्देश दिए हैं। एमडी केएमवीएन धीराज गर्ब्याल ने गुंजी में फंसे 168 तीर्थ यात्रियों को निकालने के लिए सरकार से चार चौपरों की व्यवस्था किए जाने का आग्रह किया। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं कपिल जोशी ने बताया कि वर्षा के कारण जो पेड़ गधेरों व नदियों में गिर गए हैं, उनके कटान की अनुमति जारी कर दी गई है। इस मौके पर डीएम डॉ. अहमद इकबाल, महाप्रबंधक जल संस्थान एचके पांडे, मुख्य अभियंता एनएच डीएस नबियाल, मुख्य अभियंता लोनिवि केपी जोशी, मुख्य अभियंता पीएमजीएसवाई अयाज अहमद आदि मौजूद रहे।
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नैनीताल। कुमाऊं मंडल में भी मानसून ने दस्तक दे दी है जिसे देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए। रौतेला ने मंडल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी सितंबर तक निरस्त करने को कहा।
उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि वर्षाकाल के दौरान विषम हालातों से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर समितियों का गठन करें और वर्षा की चेतावनी के दौरान अलर्ट रहें। उन्होंने जिला मुख्यालय तथा तहसील में कंट्रोल रूम सक्रिय करने को कहा। उन्होंने डीएम वीके सुमन और डॉ. नीरज खैरवाल को वर्षाकाल के दौरान जलभराव वाली सड़कों पर चेतावनी वाले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। वर्षाकाल के दौरान सभी ट्रैकिंग और यात्राओं के कार्यक्रम स्थगित रखने को कहा गया है। इसके अलावा नदियों के किनारे खतरे की जद में आए लोगों समेत सरकारी भवन, स्कूल आदि को समय रहते अन्यत्र शिफ्ट किया जाए। डीएम पिथौरागढ़ वंदना सिंह और डीएम बागेश्वर रंजना राजगुरु को बंद सड़कों को तत्काल खोलने के निर्देश दिए हैं। एमडी केएमवीएन धीराज गर्ब्याल ने गुंजी में फंसे 168 तीर्थ यात्रियों को निकालने के लिए सरकार से चार चौपरों की व्यवस्था किए जाने का आग्रह किया। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं कपिल जोशी ने बताया कि वर्षा के कारण जो पेड़ गधेरों व नदियों में गिर गए हैं, उनके कटान की अनुमति जारी कर दी गई है। इस मौके पर डीएम डॉ. अहमद इकबाल, महाप्रबंधक जल संस्थान एचके पांडे, मुख्य अभियंता एनएच डीएस नबियाल, मुख्य अभियंता लोनिवि केपी जोशी, मुख्य अभियंता पीएमजीएसवाई अयाज अहमद आदि मौजूद रहे।
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