फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   निजी बसों की हड़ताल से अस्त-व्यस्त पहाड़

निजी बसों की हड़ताल से अस्त-व्यस्त पहाड़

Tue, 24 Jul 2018 02:27 AM IST
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:27 AM IST
विज्ञापन
निजी बसों की हड़ताल से अस्त-व्यस्त पहाड़
रामनगर में बस यात्री परेशान - फोटो : अमर उजाला
रामनगर (नैनीताल)। निजी बस संचालक चार दिन से हड़ताल पर हैं। इससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इससे जहां एक ओर 30 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है, वहीं पहाड़ जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल्द समस्या न सुलझने पर स्थिति भयावह हो सकती है।
विज्ञापन

रामनगर से गढ़वाल मोटर यूजर्स, कुमाऊं मोटर ऑनर्स, गढ़वाल मोटर ऑनर्स, कुमाऊं मोटर आदर्श की निजी बसों का संचालन होता है। गढ़वाल मोटर्स की 75, कुमाऊं मोटर्स की 85, आदर्श की 35, यूजर्स की 50 बसों का संचालन चार दिन से ठप है। माल ढुलान रुकने से व्यापारियों को 20 लाख, निजी बस संचालकों को करीब दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन


दिल्ली से जाने वाली सवारियों को हो रही परेशानी
रामनगर में प्रभावित हो चुका 30 करोड़ का कारोबार


आज बंद रहेंगे रामनगर के निजी स्कूल
रामनगर (नैनीताल)। रामनगर-कालाढूंगी पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने भी हड़ताली ट्रांसपोर्टरों, बस संचालकों को समर्थन दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि इसके तहत मंगलवार को रामनगर-कालाढूंगी तहसील क्षेत्र के सभी प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


टेंपो वालों की हो रही चांदी
रामनगर (नैनीताल)। निजी बसों की हड़ताल का फायदा टेंपो वाले खूब उठा रहे है। सवारियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। हिम्मतपुर ब्लॉक निवासी नजमा ने बताया कि पहले रामनगर से हिम्मतपुर, पीरूमदारा का दस रुपये में किराया लगता था, लेकिन हड़ताल के चलते अब टेंपो वाले 20 रुपये ले रहे हैं।

विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
रामनगर (नैनीताल)। यातायात व्यवस्था ध्वस्त होने के चलते रामनगर के विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर यातायात व्यवस्था सुचारु करने की मांग की। पत्र में कहा कि 20 जुलाई से निजी बसों की बेमियादी हड़ताल है। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। इसकी वजह से अराजकता की स्थिति है। पर्वतीय डाक सेवा भी ठप है। यातायात संस्थाओं से वार्ता कर समाधान निकाला जाए। वैकल्पिक व्यवस्था भी सुझाई। इनमें देवभूमि विकास मंच के संयोजक मनमोहन अग्रवाल, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रभात ध्यानी, उक्रांद के केंद्रीय महासचिव इंद्र सिंह मनराल, समाजवादी लोकमंच के मुनीष कुमार, देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष मनिंदर सेठी, महिला एकता मंच की सरस्वती जोशी, किसान संघर्ष समिति के ललित उप्रेती आदि थे।

ट्रांसपोर्टरों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन
रामनगर (नैनीताल)। ट्रांसपोर्ट यूनियनों के पदाधिकारियों ने बेमियादी हड़ताल को लेकर विधायक दीवान सिंह बिष्ट को ज्ञापन सौंपा। कहा कि नियमों के पालन कराने के नाम पर पुलिस, आरटीओ विभाग ट्रांसपोर्टरों, चालक-परिचालकों को परेशान कर रहे हैं। ओवरलोडिंग के नाम पर परिवहन विभाग चालक, परिचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रहा है। सुभाष ध्यानी ने इसे नियमों की आड़ में उत्पीड़न बताया।


दिल्ली से आए चंद्रशेखर पपनै ने बताया कि सुबह यहां पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें मानिला जाने के लिए कोई बस नहीं मिली। टैक्सी चालक भी पहाड़ की ओर जाने को तैयार नहीं है।
देघाट जाने के लिए बस अड्डे पर पहुंचे जगत सिंह ने बताया कि निजी बसों की हड़ताल की सूचना दिल्ली में मिली थी, लेकिन जाना जरूरी था। अब जाने के लिए कोई बस नहीं मिली।
डॉ. सोनिका के अनुसार बसों की वजह से काफी परेशानी हो रही है। सुबह वह दिल्ली से रामनगर पहुंच गई थी, लेकिन कोई सवारी नहीं मिल रही।
बुजुर्ग लीला देवी ने बताया कि उन्हें मानिला जाना है, लेकिन कोई सवारी नहीं मिल रही है। निजी बस नहीं चल रही। रोडवेज भी बसों की संख्या नहीं बढ़ा रही।
कुंवर सिंह ने बताया कि उन्हें मौलेखाल जाना है, लेकिन बसें नहीं मिल रही है। निजी बसों की हड़ताल से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।

व्यापारी, ट्रांसपोर्टर भी परेशान
रामनगर में मंडी होने की वजह से पहाड़ से फल-सब्जी के अलावा अन्य सामान आता, जाता है। निजी बस संचालकों की हड़ताल होने की वजह रामनगर के कारोबारियों का कारोबार में 40 प्रतिशत की गिरावट आ गई है। रामनगर में रोजाना करीब दस करोड़ से अधिक का कारोबार होता था, लेकिन अब छह करोड़ के आसपास ही रह गया है।
- मनमोहन अग्रवाल, संरक्षक, रामनगर व्यापार संघ
निजी बस संचालकों की हड़ताल को चार दिन हो गए, लेकिन उनके पास सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। प्रदेश सरकार के जनप्रतिनिधियों को कई बार इस बाबत ज्ञापन भी दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में यदि सरकार निजी संचालकों की नहीं सुनती तो आगे उग्र आंदोलन भी हो सकता है।

- मनोज कठायत, अध्यक्ष, कुमाऊं मोटर ऑनर्स
प्रदेश सरकार निजी बस संचालकों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार का कोई भी नुमाइंदा अब तक बात करने नहीं आया है। यदि ऐसा ही रहा तो निजी बस संचालकों की हड़ताल अभी और चलेगी।
- अरविंद गुसांई, अध्यक्ष, गढ़वाल मोटर यूजर्स
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed