{"_id":"5b52459f4f1c1b48748b6101","slug":"153211842718-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे विभाग से संबंधित आपति लगाकर जांच के फेर में फंसे वन अधिकारी -","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे विभाग से संबंधित आपति लगाकर जांच के फेर में फंसे वन अधिकारी -
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:08 AM IST
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नैनीताल। नारायणनगर की मल्टीस्टोरी पार्किंग से संबंधित आपत्ति लगाने वाले अधिकारी जांच के फेर में फंस गए हैं। प्रथम दृष्ट्या आपत्ति भूगर्भ विभाग से संबंधित होना पाया गया है, जबकि आपत्तिकर्ता वन विभाग के आलाधिकारी हैं। शासन ने आईआईटी रुड़की को जांच अधिकारी बनाते हुए रिपोर्ट मांगी है। अगर जांच में आपत्ति गलत पाई गई तो अधिकारियों पर कार्रवाई होना लगभग तय है।
नैनीताल में तीन साल पहले नारायणनगर में मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाने को मंजूरी मिली थी। पार्किंग बनने पर यहां आने वाले पर्यटकों को गाड़ी पार्क करने में भारी सहूलियत मिलती, लेकिन जांच के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि नारायणनगर में जिस जगह पर पार्किंग बनाना प्रस्तावित हैं वह जगह सूखाताल के मलबे से भरी गई है। यह चट्टान का छोटा रूप हो सकती है। इस स्थान के पास ही गैस गोदाम है। ऐसी स्थिति में अगर यहां पार्किंग बनाई गई तो असुरक्षित रहेगी। वन विभाग की इस आपत्ति के बाद से पार्किंग बनाने का काम लटका हुआ है। अब मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया है कि यह आपत्ति भूगर्भ विभाग से संबंधी है जबकि आपत्तिकर्ता वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी हैं। ऐसे में आपत्ति के गलत भी होने की आशंका है। आपत्ति के गलत होने की आशंका को देखते हुए जांच कराए जाने की जरूरत समझी गई। अब शासन ने आईआईटी रुड़की को जांच अधिकारी बनाया है। मुख्यमंत्री के इस कदम से नारायणनगर में मल्टीस्टोरी पार्किंग बनने की एक और आस जाग गई है। डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि शासन ने आईआईटी रुड़की को जांच दी है। जांच में अगर आपत्ति गलत पाई गई तो आपत्तिकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आपत्ति लगाकर जांच के फेर में फंसे वन अधिकारी
नारायणनगर की मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण लटकने का प्रकरण
वन विभाग के एक उच्च अधिकारी ने लगाई थी पार्किंग निर्माण को लेकर आपत्ति
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नैनीताल में तीन साल पहले नारायणनगर में मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाने को मंजूरी मिली थी। पार्किंग बनने पर यहां आने वाले पर्यटकों को गाड़ी पार्क करने में भारी सहूलियत मिलती, लेकिन जांच के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि नारायणनगर में जिस जगह पर पार्किंग बनाना प्रस्तावित हैं वह जगह सूखाताल के मलबे से भरी गई है। यह चट्टान का छोटा रूप हो सकती है। इस स्थान के पास ही गैस गोदाम है। ऐसी स्थिति में अगर यहां पार्किंग बनाई गई तो असुरक्षित रहेगी। वन विभाग की इस आपत्ति के बाद से पार्किंग बनाने का काम लटका हुआ है। अब मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया है कि यह आपत्ति भूगर्भ विभाग से संबंधी है जबकि आपत्तिकर्ता वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी हैं। ऐसे में आपत्ति के गलत भी होने की आशंका है। आपत्ति के गलत होने की आशंका को देखते हुए जांच कराए जाने की जरूरत समझी गई। अब शासन ने आईआईटी रुड़की को जांच अधिकारी बनाया है। मुख्यमंत्री के इस कदम से नारायणनगर में मल्टीस्टोरी पार्किंग बनने की एक और आस जाग गई है। डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि शासन ने आईआईटी रुड़की को जांच दी है। जांच में अगर आपत्ति गलत पाई गई तो आपत्तिकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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आपत्ति लगाकर जांच के फेर में फंसे वन अधिकारी
नारायणनगर की मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण लटकने का प्रकरण
वन विभाग के एक उच्च अधिकारी ने लगाई थी पार्किंग निर्माण को लेकर आपत्ति