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16 सदस्यीय पर्वतारोही दल ने 16000 फुट ऊंची पहाड़ी फतह की
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:02 AM IST
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स्कूली बच्चों का पर्वतारोहण
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के 16 सदस्यीय पर्वतारोही दल ने हिमाचल प्रदेश की 16000 फुट ऊंची दुर्गम पहाड़ियों पर चढ़कर विद्यालय का नाम रोशन किया। अंबुज श्रीवास्तव, नृपेंद्र कुमार के निर्देशन में यह सात दिवसीय अभियान दो से आठ जुलाई तक चला।
दिल्ली माउंटेनियरिंग एसोसिएशन, सरस्वती विहार के सहयोग से यह साहसिक कार्य विद्यालय के पर्वतारोही दल ने दो जुलाई को ग्लू टैंपल (मैकलोडगंज) से शुरू किया। सबसे पहले 12000 फीट ऊंची पहाड़ी (त्रियून) गए, उसके बाद 12800 फुट ऊंची दुर्गम चोटी स्नोव्यू (हिमाचल) गए। स्नोव्यू के बाद यह दल इंद्रहारा पास गया, जिसकी ऊंचाई 14800 फुट है। यह वहीं इंद्रधारा पास है, जहां भगवान इंद्र ने महाभारतकालीन युधिष्ठिर को स्वर्ग ले गए। इसी स्थान पर धनुर्धर अर्जुन ने अपना गांडीय धनुष छिपाया था। इसके बाद यह दल हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी मून पीक गया, जिसकी ऊंचाई 16000 फुट है। विद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. माधव प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि मून पीक तक जाने वाला यह सबसे कम उम्र का पहला दल है। प्रधानाचार्य डॉ. किशन वीर सिंह शाक्य, विद्यालय के प्रबंधक कामेश्वर प्रसाद काला ने पर्वतारोही दल का स्वागत किया। इस दल में कोच अंबुज श्रीवास्तव, संजय विसेन, वेदांग, विसेन, आशीष यादव, अनिकेत गुप्ता, कृष्णा गोयल, लोकेश, हिमांग, राहुल नौला, जतिन, हर्षित ठकुराठी, तरंग दीक्षित, तुषार, अंकित, अनिकेत सैनी, निकेत मनकोटी, विशाल, सूर्य तोमर, रोहित कुमार आदि थे।
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दिल्ली माउंटेनियरिंग एसोसिएशन, सरस्वती विहार के सहयोग से यह साहसिक कार्य विद्यालय के पर्वतारोही दल ने दो जुलाई को ग्लू टैंपल (मैकलोडगंज) से शुरू किया। सबसे पहले 12000 फीट ऊंची पहाड़ी (त्रियून) गए, उसके बाद 12800 फुट ऊंची दुर्गम चोटी स्नोव्यू (हिमाचल) गए। स्नोव्यू के बाद यह दल इंद्रहारा पास गया, जिसकी ऊंचाई 14800 फुट है। यह वहीं इंद्रधारा पास है, जहां भगवान इंद्र ने महाभारतकालीन युधिष्ठिर को स्वर्ग ले गए। इसी स्थान पर धनुर्धर अर्जुन ने अपना गांडीय धनुष छिपाया था। इसके बाद यह दल हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी मून पीक गया, जिसकी ऊंचाई 16000 फुट है। विद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. माधव प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि मून पीक तक जाने वाला यह सबसे कम उम्र का पहला दल है। प्रधानाचार्य डॉ. किशन वीर सिंह शाक्य, विद्यालय के प्रबंधक कामेश्वर प्रसाद काला ने पर्वतारोही दल का स्वागत किया। इस दल में कोच अंबुज श्रीवास्तव, संजय विसेन, वेदांग, विसेन, आशीष यादव, अनिकेत गुप्ता, कृष्णा गोयल, लोकेश, हिमांग, राहुल नौला, जतिन, हर्षित ठकुराठी, तरंग दीक्षित, तुषार, अंकित, अनिकेत सैनी, निकेत मनकोटी, विशाल, सूर्य तोमर, रोहित कुमार आदि थे।
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