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द्वितीय विश्व युद्ध के योद्धा आलम सिंह बिष्ट 102 साल में निधन
Updated Thu, 05 Jul 2018 02:05 AM IST
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आलम सिंह बिष्ट का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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बिंदुखत्ता (नैनीताल)। द्वितीय विश्व युद्ध में योगदान दे चुके 102 वर्षीय पूर्व सैनिक आलम सिंह बिष्ट का बुधवार को निधन हो गया। बिंदुखत्ता क्षेत्र में समाज सेवा और विकास कार्यों में सदैव अग्रणी रहे पूर्व सैनिक के निधन पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने दुख व्यक्त किया है।
इंदिरानगर प्रथम स्थित अपने आवास में बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह द्वितीय विश्व युद्ध के योद्धा भी रहे। मूलरूप से चमोली जिले के ग्राम धुरा सुया निवासी आलम सिंह बिष्ट 22 वर्ष पूर्व बिंदुखत्ता में परिवार सहित आए और तभी से यहां रह रहे थे। वह अपने गांव के पूर्व प्रधान भी रहे हैं।
बुधवार दोपहर बाद रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े बेटे गब्बर सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह बिष्ट और नाती वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
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ह्वै जाल उनका तकिया कलाम था यानी सब हो जाएगा। चाहे घर की समस्या हो या गांव की। उनके निधन की सूचना पर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने बिष्ट के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
- 102 वर्षीय पूर्व सैनिक का सामाजिक कार्यों में रहा अहम योगदान
- चमोली के धुरा सुया निवासी 22 साल पहले बिंदुखता में आकर बस गए थे
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इंदिरानगर प्रथम स्थित अपने आवास में बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह द्वितीय विश्व युद्ध के योद्धा भी रहे। मूलरूप से चमोली जिले के ग्राम धुरा सुया निवासी आलम सिंह बिष्ट 22 वर्ष पूर्व बिंदुखत्ता में परिवार सहित आए और तभी से यहां रह रहे थे। वह अपने गांव के पूर्व प्रधान भी रहे हैं।
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बुधवार दोपहर बाद रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े बेटे गब्बर सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह बिष्ट और नाती वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
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ह्वै जाल उनका तकिया कलाम था यानी सब हो जाएगा। चाहे घर की समस्या हो या गांव की। उनके निधन की सूचना पर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने बिष्ट के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
- 102 वर्षीय पूर्व सैनिक का सामाजिक कार्यों में रहा अहम योगदान
- चमोली के धुरा सुया निवासी 22 साल पहले बिंदुखता में आकर बस गए थे