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रामनगर में लीची की तोड़ शुरू
Updated Mon, 21 May 2018 02:09 AM IST
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रामनगर में लीची की फसल तैयार
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। कार्बेट पार्क के साथ ही रामनगर की पहचान लीची से भी है। लीची की तोड़ शुरू हो गई है लेकिन यह आम आदमी की पहुंच से अभी दूर है। फिलहाल लीची का शुरुआती मूल्य 105 रुपये और फुटकर भाव 150 रुपये प्रति किलो तक है।
रामनगर की प्रसिद्ध लीची की देश विदेश में मांग रहती है। रविवार से लीची की तोड़ शुरू हुई तो खरीदने के लिए हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ के व्यापारी बगीचों में आने लगे। बगीचों में लीची के गुच्छे बनाए जा रहे हैं। हालांकि बारिश और पक्षियों से बचाने के लिए दिन-रात शोर मचाने के साथ ही ठेकेदार आतिशबाजी भी कर रहे हैं। उद्यान विभाग के एएस परवाल ने बताया कि यहां 800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लीची की पैदावार हो रही है। पकने के बाद हरी लीची लाल हो जाती है लेकिन चमगादड़ से बचाने के लिए लीची की तोड़ शुरू कर दी गई है। वैसे लीची हर 24 घंटे में अपना रंग और स्वाद बदल रही है। गर्मी और लू बढ़ने के साथ ही इसकी मिठास और बढ़ेगी। बारिश होने पर लीची और रसीली हो जाती है। शहर के फल ठेकेदार अब्दुल रऊफ ने बताया कि अन्य बगीचों में बारिश का इंतजार किया जा रहा है ताकि लीची में मिठास भी आ सके। लीची की फसल 15 जून तक खत्म हो जाएगी।
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रामनगर की प्रसिद्ध लीची की देश विदेश में मांग रहती है। रविवार से लीची की तोड़ शुरू हुई तो खरीदने के लिए हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ के व्यापारी बगीचों में आने लगे। बगीचों में लीची के गुच्छे बनाए जा रहे हैं। हालांकि बारिश और पक्षियों से बचाने के लिए दिन-रात शोर मचाने के साथ ही ठेकेदार आतिशबाजी भी कर रहे हैं। उद्यान विभाग के एएस परवाल ने बताया कि यहां 800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लीची की पैदावार हो रही है। पकने के बाद हरी लीची लाल हो जाती है लेकिन चमगादड़ से बचाने के लिए लीची की तोड़ शुरू कर दी गई है। वैसे लीची हर 24 घंटे में अपना रंग और स्वाद बदल रही है। गर्मी और लू बढ़ने के साथ ही इसकी मिठास और बढ़ेगी। बारिश होने पर लीची और रसीली हो जाती है। शहर के फल ठेकेदार अब्दुल रऊफ ने बताया कि अन्य बगीचों में बारिश का इंतजार किया जा रहा है ताकि लीची में मिठास भी आ सके। लीची की फसल 15 जून तक खत्म हो जाएगी।
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