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कॉर्बेट पार्क में राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को प्रवेश होगा नि:शुल्क
Updated Wed, 09 May 2018 01:56 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट नेशनल पार्क कॉर्बेट फाउंडेशन की चौथी बैठक में अब पार्क में पर्यटकों को घूमने के लिए तीन कैटेगरी बनाई गई हैं। इसमें उत्तराखंड के निवासियों को 200 रुपये प्रति व्यक्ति और अन्य राज्यों के निवासियों को 500 रुपये व विदेशी पर्यटकों के लिए 1000 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है।
इसमें 12 साल तक सभी भारतीय बच्चों और राज्य के वरिष्ठ नागरिकों का प्रवेश शुल्क निशुल्क किया गया है। यह घोषणा वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन फॉर सीटीआर की शासी निकाय की बैठक में हिस्सा लेने के बाद मंगलवार को पत्रकार वार्ता में की।
रावत ने बताया कि पूरे प्रदेश की अब एक ही फाउंडेशन होगी, जो फाउंडेशन फॉर वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ऑफ उत्तराखंड होगी। इसके अध्यक्ष वनमंत्री, सचिव मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक होंगे। कॉर्बेट पार्क में इसके अध्यक्ष निदेशक और सचिव उपनिदेशक होंगे। अन्य प्रभागों में डीएफओ अध्यक्ष व एसडीओ सचिव नामित किए गए हैं। इस फाउंडेशन में रामनगर, कोटद्वार, सल्ट विधायक भी सदस्य हैं। अब दो तीन विधायकों को विधानसभा से सदस्य बनने के लिए मांगा जाएगा। वहीं पार्क के प्रवेश द्वारों का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा।
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उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अब कार्बेट पार्क से प्राप्त आय को शत प्रतिशत पार्क के लिए खर्च किया जाएगा। जबकि पहले केवल 20 प्रतिशत राशि ही पार्क प्रशासन को खर्च के लिए मिलती थी और बाकी 80 प्रतिशत धनराशि प्रदेश सरकार के लिए राजस्व के रूप चली जाती थी।
अब इस सारी धनराशि से पार्क की व्यवस्था और सुरक्षा पहले के मुकाबले पुख्ता होगी। साथ ही उन्होेंने बताया कि कार्बेट पार्क घूमने आने वाले सैलानियों को हाथी पर जंगल का नजारा दिखाया जाएगा। इसके लिए 10 हाथी कर्नाटक से मंगाए जाएंगे और सीटीआर के आसपास के क्षेत्र के लोगों को रोजगार देने के लिए विभाग 50 जिप्सी वाहन परमिट जारी करेगा। साथ ही 25 गाइडों को भी स्थानीय स्तर पर रोजगार दिया जाएगा।
रावत ने कहा कि जब विभाग के पास आय का पूरा हिस्सा होगा तो वन चौकियों के आसपास सोलर फैंसिंग और बोर कराकर जंगल में वन्यजीवों को पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। वहीं रात्रि विश्राम भी तीन दरों 2 हजार, 4 हजार और 8 हजार रुपये कर दिया गया है। हाउस कीपिंग जो 600 रुपये हुआ करती थी, उसे हटा दिया गया है। जीएसटी अलग से देय होगी।
वन्यजीव के संरक्षण क्षेत्र में अच्छे कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रथम पुरस्कार 1 लाख, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार व तृतीय पुरस्कार 25 हजार रूपये की धनराशि का सम्मान दिया जाएगा। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान मारे गए वनकर्मियों को कंजर्वेशन की तरफ से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्य वन्य जन्तु प्रतिपालक डीबीएस खाती, कार्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर सुरेंद्र मेहरा, उपनिदेशक अमित वर्मा, डीएफओ नेहा वर्मा आदि उपस्थित थे।
जिप्सी यूनियन ने मंत्री का किया स्वागत
रामनगर (नैनीताल)। वनमंत्री द्वारा जिप्सी व गाइडों को बढ़ाने के लिए मंगलवार को कॉर्बेट जिप्सी यूनियन से वनमंत्री डॉ हरक सिंह रावत का फूलमालाओं से स्वागत किया।
कॉर्बेट पार्क में राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को प्रवेश होगा निशुल्क
अब कर्नाटक के हाथी पर्यटकों को घुमाएंगे पार्क में
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इसमें 12 साल तक सभी भारतीय बच्चों और राज्य के वरिष्ठ नागरिकों का प्रवेश शुल्क निशुल्क किया गया है। यह घोषणा वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन फॉर सीटीआर की शासी निकाय की बैठक में हिस्सा लेने के बाद मंगलवार को पत्रकार वार्ता में की।
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रावत ने बताया कि पूरे प्रदेश की अब एक ही फाउंडेशन होगी, जो फाउंडेशन फॉर वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ऑफ उत्तराखंड होगी। इसके अध्यक्ष वनमंत्री, सचिव मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक होंगे। कॉर्बेट पार्क में इसके अध्यक्ष निदेशक और सचिव उपनिदेशक होंगे। अन्य प्रभागों में डीएफओ अध्यक्ष व एसडीओ सचिव नामित किए गए हैं। इस फाउंडेशन में रामनगर, कोटद्वार, सल्ट विधायक भी सदस्य हैं। अब दो तीन विधायकों को विधानसभा से सदस्य बनने के लिए मांगा जाएगा। वहीं पार्क के प्रवेश द्वारों का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा।
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उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अब कार्बेट पार्क से प्राप्त आय को शत प्रतिशत पार्क के लिए खर्च किया जाएगा। जबकि पहले केवल 20 प्रतिशत राशि ही पार्क प्रशासन को खर्च के लिए मिलती थी और बाकी 80 प्रतिशत धनराशि प्रदेश सरकार के लिए राजस्व के रूप चली जाती थी।
अब इस सारी धनराशि से पार्क की व्यवस्था और सुरक्षा पहले के मुकाबले पुख्ता होगी। साथ ही उन्होेंने बताया कि कार्बेट पार्क घूमने आने वाले सैलानियों को हाथी पर जंगल का नजारा दिखाया जाएगा। इसके लिए 10 हाथी कर्नाटक से मंगाए जाएंगे और सीटीआर के आसपास के क्षेत्र के लोगों को रोजगार देने के लिए विभाग 50 जिप्सी वाहन परमिट जारी करेगा। साथ ही 25 गाइडों को भी स्थानीय स्तर पर रोजगार दिया जाएगा।
रावत ने कहा कि जब विभाग के पास आय का पूरा हिस्सा होगा तो वन चौकियों के आसपास सोलर फैंसिंग और बोर कराकर जंगल में वन्यजीवों को पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। वहीं रात्रि विश्राम भी तीन दरों 2 हजार, 4 हजार और 8 हजार रुपये कर दिया गया है। हाउस कीपिंग जो 600 रुपये हुआ करती थी, उसे हटा दिया गया है। जीएसटी अलग से देय होगी।
वन्यजीव के संरक्षण क्षेत्र में अच्छे कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रथम पुरस्कार 1 लाख, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार व तृतीय पुरस्कार 25 हजार रूपये की धनराशि का सम्मान दिया जाएगा। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान मारे गए वनकर्मियों को कंजर्वेशन की तरफ से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्य वन्य जन्तु प्रतिपालक डीबीएस खाती, कार्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर सुरेंद्र मेहरा, उपनिदेशक अमित वर्मा, डीएफओ नेहा वर्मा आदि उपस्थित थे।
जिप्सी यूनियन ने मंत्री का किया स्वागत
रामनगर (नैनीताल)। वनमंत्री द्वारा जिप्सी व गाइडों को बढ़ाने के लिए मंगलवार को कॉर्बेट जिप्सी यूनियन से वनमंत्री डॉ हरक सिंह रावत का फूलमालाओं से स्वागत किया।
कॉर्बेट पार्क में राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को प्रवेश होगा निशुल्क
अब कर्नाटक के हाथी पर्यटकों को घुमाएंगे पार्क में