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कॉर्बेट पार्क की सर्पदुली रेंज में बाघिन की मौत

Mon, 30 Apr 2018 02:05 AM IST
Updated Mon, 30 Apr 2018 02:05 AM IST
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कॉर्बेट पार्क की सर्पदुली रेंज में बाघिन की मौत
बाघ - फोटो : self
रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) की सर्पदुली रेंज में एक बाघिन की मौत हो गई। इसके आपसी संघर्ष में मारे जाने की आशंका है। इसलिए पोस्टमार्टम कर विसरा जांच के लिए भेजा गया है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह पता चल सकेगी।
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कॉर्बेट नेशनल पार्क सर्पदुली रेंज की टीम रविवार सुबह करोंजिया स्रोत में गश्त कर रही थी। यह टीम धुलवा पूर्वी ब्लॉक पनोद बीट कक्ष संख्या 11 के जंगल में पहुंची। उन्हें वहां बाघिन का शव मिला। उसके नाखून, दांत, खाल आदि अंग सुरक्षित पाए गए। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश अग्रवाल, सीटीआर के डॉ. दुष्यंत शर्मा ने बाघिन के शव का पोस्टमार्टम किया। बताया कि बाघिन की उम्र करीब पांच वर्ष थी। बाघिन के शरीर पर घाव के निशान देखकर आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत किसी दूसरे बाघ के साथ हुए संघर्ष में हुई होगी। एनटीसीए की गाइडलाइन के अनुरूप विसरा एकत्र कर परीक्षण के लिए भेजा गया है। हमलावर बाघ की निगरानी के लिए टीमें बनाकर खोजबीन की जा रही है। आसपास के जंगल में छह कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। पार्क वार्डन शिवराज चंद ने ग्रामीणों से जंगल में अकेले नहीं जाने की अपील की है। इससे पूर्व 30 नवंबर 2017 को भी बिजरानी रेंज के फूलताल ब्लॉक में आपसी संघर्ष में एक बाघ की मौत हुई थी। बाघ के पोस्टमार्टम के दौरान विश्व प्रकृति निधि (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के प्रतिनिधि चंदन सिंह नेगी, कॉर्बेट फाउंडेशन के प्रतिनिधि हिमांशु सती, सीटीआर के उपनिदेशक अमित वर्मा आदि थे।
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बाघों के लिए बुरा रहा वर्ष 2011
हल्द्वानी। वर्ष 2011 बाघों के लिए बुरा रहा था। उस वर्ष आठ बाघ मरे थे। इसके बाद 2017 में सात बाघ मरे और 2018 में यह आंकड़ा दो पहुंच चुका है।

वर्ष संख्या
2010 03
2011 08
2012 04
2013 01
2014 02
2015 03
2016 03
2017 07
2018 02
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