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आईजी जीएस मर्तोलिया को हाईकोर्ट का अवमानना नोटिस
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:14 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने पूर्व में दिए गए उनके आदेशों का पालन न किये जाने पर आईजी जीएस मर्तोलिया को अवमानना नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी की बृजवासी कलोनी निवासी जितेंद्र जोशी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। इस याचिका में कहा गया था कि पूर्व में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन को आठ सप्ताह के भीतर निस्तारित करने का आदेश दिया था। अभी तक उनके द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नही किया गया है।
याची के मुताबिक वर्ष 2001 में पुलिस विभाग में एसआई की पोस्ट के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। याचिकाकर्ता ने भी इसमें प्रतिभाग किया था और परीक्षा में सफल भी हुआ था । विज्ञप्ति में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के लिए पांच पद आरक्षित थे। याची को इसका लाभ नही दिया गया। उनको आश्रित कोटे के बजाय सामान्य कोटे में रखा गया। याची का यह भी कहना था कि जिस व्यक्ति का आरक्षित कोटे के अंतर्गत चयन किया गया है उसने अभी तक नियुक्ति नही ली है। वह पद अभी रिक्त है और जबकि उसने मेडिकल परीक्षा में भाग ही नही लिया।
याची का कहना था कि सामान्य मेरिट लिस्ट के हिसाब से उनके 483 अंक है। जिन लोगों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का फायदा दिया गया है उनके अंक नरेश चंद्र दुर्गापाल 555 ,महेंद्रपाल सिंह 530, राजीव रावत 492, मनीष शर्मा 492, सुशील रावत 482, श्वेता के 448 अंक थे। यदि याची को आरक्षण का लाभ दिया जाता तो उनका चयन हो जाता।
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याची के प्रत्यावेदन को तय समय में निस्तारित नहीं किया
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न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी की बृजवासी कलोनी निवासी जितेंद्र जोशी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। इस याचिका में कहा गया था कि पूर्व में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन को आठ सप्ताह के भीतर निस्तारित करने का आदेश दिया था। अभी तक उनके द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नही किया गया है।
याची के मुताबिक वर्ष 2001 में पुलिस विभाग में एसआई की पोस्ट के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। याचिकाकर्ता ने भी इसमें प्रतिभाग किया था और परीक्षा में सफल भी हुआ था । विज्ञप्ति में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के लिए पांच पद आरक्षित थे। याची को इसका लाभ नही दिया गया। उनको आश्रित कोटे के बजाय सामान्य कोटे में रखा गया। याची का यह भी कहना था कि जिस व्यक्ति का आरक्षित कोटे के अंतर्गत चयन किया गया है उसने अभी तक नियुक्ति नही ली है। वह पद अभी रिक्त है और जबकि उसने मेडिकल परीक्षा में भाग ही नही लिया।
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याची का कहना था कि सामान्य मेरिट लिस्ट के हिसाब से उनके 483 अंक है। जिन लोगों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का फायदा दिया गया है उनके अंक नरेश चंद्र दुर्गापाल 555 ,महेंद्रपाल सिंह 530, राजीव रावत 492, मनीष शर्मा 492, सुशील रावत 482, श्वेता के 448 अंक थे। यदि याची को आरक्षण का लाभ दिया जाता तो उनका चयन हो जाता।
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याची के प्रत्यावेदन को तय समय में निस्तारित नहीं किया