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आईसीयू में जन्मे फीजेंट पक्षी के तीन बच्चे
Updated Mon, 23 Apr 2018 02:08 AM IST
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बर्ड फेस्टिवल
- फोटो : ANI
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नैनीताल। पंडित गोविंद बल्लभ पंत चिड़ियाघर प्रशासन की महीनों की मेहनत कामयाब रही है। दुर्लभ प्रजाति की फीजेंट रेड जंगल फाउल के तीन बच्चों ने विशेष आईसीयू में जन्म लिया है। बच्चे एक सप्ताह के बाद आईसीयू से निकाले जाएंगे। आईसीयू में फीजेंट के बच्चों का जन्म होने की सूचना पर पर्यटक भी खुश हैं।
डीएफओ धर्म सिंह मीणा ने बताया कि चिड़ियाघर में अनुकूल वातावरण न मिलने के कारण फीजेंट के कई बच्चे मर गए थे। इससे बचने के लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने नया प्रयोग किया। इसके तहत आईसीयू स्थापित किया गया। एक सप्ताह के अंडे आईसीयू में लाए गए। यह प्रक्रिया फरवरी से चल रही है। इसमें रखे अंडों से 25 दिन बाद तीन बच्चे निकले हैं जबकि चार अंडे खाली हैं, लेकिन इन्हें सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों के साथ ही रखा गया है। अब यह बच्चे दो दिन के हो गए हैं और स्वस्थ हैं। रेड जंगल फाउल उसी श्रेणी का पक्षी है, जिस श्रेणी का पशु बाघ है। यह पर्यटकों के रोमांच के केंद्र में रहता है। चिड़ियाघर के डॉ. योगेश भारद्वाज ने बताया कि आईसीयू का तापमान बच्चों की त्वचा के अनुसार व्यवस्थित रखा जाता है। यह फीजेंट मुख्य रूप से उत्तर, पूर्व के पहाड़ी, भाबरी इलाकों में पाई जाती है।
अक्सर जन्म लेने के बाद फीजेंट के बच्चों की मौत हो जाती थी
रेड जंगल फाउल के बच्चों ने भी जन्म लिया, रविवार को दूसरे दिन भी बच्चे स्वस्थ
-वन विभाग राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता कराएगा
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता कराएगा। प्रतियोगिता का आयोजन 28, 29, 30 अप्रैल को नैनीताल के बॉटेनिकल गार्डन में होगा। इसमें देशभर के फोटोग्राफर हिस्सा ले रहे हैं।
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डीएफओ धर्म सिंह मीणा ने बताया कि चिड़ियाघर में अनुकूल वातावरण न मिलने के कारण फीजेंट के कई बच्चे मर गए थे। इससे बचने के लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने नया प्रयोग किया। इसके तहत आईसीयू स्थापित किया गया। एक सप्ताह के अंडे आईसीयू में लाए गए। यह प्रक्रिया फरवरी से चल रही है। इसमें रखे अंडों से 25 दिन बाद तीन बच्चे निकले हैं जबकि चार अंडे खाली हैं, लेकिन इन्हें सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों के साथ ही रखा गया है। अब यह बच्चे दो दिन के हो गए हैं और स्वस्थ हैं। रेड जंगल फाउल उसी श्रेणी का पक्षी है, जिस श्रेणी का पशु बाघ है। यह पर्यटकों के रोमांच के केंद्र में रहता है। चिड़ियाघर के डॉ. योगेश भारद्वाज ने बताया कि आईसीयू का तापमान बच्चों की त्वचा के अनुसार व्यवस्थित रखा जाता है। यह फीजेंट मुख्य रूप से उत्तर, पूर्व के पहाड़ी, भाबरी इलाकों में पाई जाती है।
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अक्सर जन्म लेने के बाद फीजेंट के बच्चों की मौत हो जाती थी
रेड जंगल फाउल के बच्चों ने भी जन्म लिया, रविवार को दूसरे दिन भी बच्चे स्वस्थ
-वन विभाग राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता कराएगा
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग राष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता कराएगा। प्रतियोगिता का आयोजन 28, 29, 30 अप्रैल को नैनीताल के बॉटेनिकल गार्डन में होगा। इसमें देशभर के फोटोग्राफर हिस्सा ले रहे हैं।
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