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एक ही दुकान से किताबें खरीदने को मजबूर कर रहा है निजी स्कूल
Updated Thu, 05 Apr 2018 01:48 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड सरकार के आदेशों के अनुसार निजी, सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी किताबें जरूरी कर दी गई हैं लेकिन अभी भी कुछ प्राइवेट स्कूल संचालक अपने स्टोर से किताबें बेच रहे हैं। वह अभिभावकों को उन्हीं स्टोरों से किताबें खरीदने को मजबूर कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों में गुस्सा है।
मोहल्ला भवानीगंज निवासी अभिभावक विनीत कुमार जोशी ने बताया कि उनके बच्चे 12 किमी दूर पढ़ने पीरूमदारा जाते हैं। यह किताबें शहर से भी खरीदने की सुविधा मिलनी चाहिए, लेकिन स्कूल प्रशासन पीरूमदारा स्थित अपने ही स्टोर से कॉपी, किताबें खरीदने को मजबूर कर रहा है। वहां भीड़ के कारण वह शहर से गांव जाकर कॉपी, किताबें नहीं खरीद पा रहे हैं। उन्होंने स्कूूल प्रशासन से हर जगह उपलब्ध कॉपी, किताबें लागू करवाने की मांग की है। वहीं रामनगर-कालाढूंगी पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि एनसीईआरटी की किताबें कहीं से भी खरीदी जा सकती हैं। अन्य विषयों की किताबों के बारे में न्यायालय के आदेश का इंतजार है।
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मोहल्ला भवानीगंज निवासी अभिभावक विनीत कुमार जोशी ने बताया कि उनके बच्चे 12 किमी दूर पढ़ने पीरूमदारा जाते हैं। यह किताबें शहर से भी खरीदने की सुविधा मिलनी चाहिए, लेकिन स्कूल प्रशासन पीरूमदारा स्थित अपने ही स्टोर से कॉपी, किताबें खरीदने को मजबूर कर रहा है। वहां भीड़ के कारण वह शहर से गांव जाकर कॉपी, किताबें नहीं खरीद पा रहे हैं। उन्होंने स्कूूल प्रशासन से हर जगह उपलब्ध कॉपी, किताबें लागू करवाने की मांग की है। वहीं रामनगर-कालाढूंगी पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि एनसीईआरटी की किताबें कहीं से भी खरीदी जा सकती हैं। अन्य विषयों की किताबों के बारे में न्यायालय के आदेश का इंतजार है।
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