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लकड़ी कटाने के बहाने जंगल में घूम रहे संदिग्ध
Updated Sat, 24 Mar 2018 02:52 AM IST
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घना जंगल
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कालाढूंगी (नैनीताल)। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के गदगदिया, पीपल पड़ाव और बरहैनी रेंज में इन दिनों निगम की लकड़ी कटान के बहाने कई संदिग्ध मजदूर घूम रहे हैं, इन मजदूरों का रिकार्ड न तो वन विभाग के पास है और न ही वन निगम के पास। पुलिस के पास भी इनका कोई रिकार्ड नहीं है।
उत्तर प्रदेश में प्रशासन की ओर से अपराधियों पर अंकुश लगाने के बाद अपराधियों का रुख उत्तराखंड की ओर हुआ है। पहाड़ की शांत वादियां और घने जंगल इन अपराधियों के लिए मुफीद साबित हो रहे हैं। कालाढूंगी के आसपास के जंगलों में इन दिनों वन निगम की ओर से लकड़ी कटान का कार्य किया जा रहा है। यहां काफी संख्या में मजदूर जंगल में रह रहे हैं, लेकिन निगम के पास इनमें से कुछ ही मजदूरों का रिकार्ड है।
राज्य में संदिग्ध अपराधियों को लेकर खुफिया एजेंसियां पहले भी पुलिस-प्रशासन को कई संकेत दे चुकी हैं। इसके बावजूद राज्य में इन संदिग्धों पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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मजदूरों की झोपड़ियों के पास महंगी गाड़ियां
सूचना के अनुसार मजदूरों की ओर से बनाई गई झोपड़ियों के आसपास कई महंगी और बड़ी बड़ी गाड़ियां खड़ी रहती है, मगर मजदूरों के पास इतनी महंगी गाड़ियां कहां से आई यह भी जांच का विषय है।
मजदूरों का कराएंगे सत्यापन
जंगल में वन निगम की लकड़ी काट रहे मजदूरों का पुलिस की ओर से सत्यापन कराया जाएगा। संदिग्ध मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लोकजीत सिंह, क्षेत्राधिकारी रामनगर
- जिन स्थानों पर वन निगम की ओर से जंगल में लकड़ी कटान का कार्य किया जा रहा है उसकी जिम्मेदारी वन निगम की होती है, इस बीच जंगल में किसी भी घटना के लिए वन निगम ही जिम्मेदार रहेगा।
- रामसिंह बिष्ट, रेंजर गदगदिया रेंज।
- जंगल की सुरक्षा का जिम्मा वन विभाग के पास है, वन निगम केवल उस क्षेत्र की जिम्मेदारी लेता है, जहां लकड़ी कटान होता है। लकड़ी कटान का कार्य कर रहे मजदूरों का रिकार्ड निचले अधिकारी के पास रहता है।
- एसआर सिंह, डीएलएम, कालाढूंगी पूर्वी।
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उत्तर प्रदेश में प्रशासन की ओर से अपराधियों पर अंकुश लगाने के बाद अपराधियों का रुख उत्तराखंड की ओर हुआ है। पहाड़ की शांत वादियां और घने जंगल इन अपराधियों के लिए मुफीद साबित हो रहे हैं। कालाढूंगी के आसपास के जंगलों में इन दिनों वन निगम की ओर से लकड़ी कटान का कार्य किया जा रहा है। यहां काफी संख्या में मजदूर जंगल में रह रहे हैं, लेकिन निगम के पास इनमें से कुछ ही मजदूरों का रिकार्ड है।
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राज्य में संदिग्ध अपराधियों को लेकर खुफिया एजेंसियां पहले भी पुलिस-प्रशासन को कई संकेत दे चुकी हैं। इसके बावजूद राज्य में इन संदिग्धों पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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मजदूरों की झोपड़ियों के पास महंगी गाड़ियां
सूचना के अनुसार मजदूरों की ओर से बनाई गई झोपड़ियों के आसपास कई महंगी और बड़ी बड़ी गाड़ियां खड़ी रहती है, मगर मजदूरों के पास इतनी महंगी गाड़ियां कहां से आई यह भी जांच का विषय है।
मजदूरों का कराएंगे सत्यापन
जंगल में वन निगम की लकड़ी काट रहे मजदूरों का पुलिस की ओर से सत्यापन कराया जाएगा। संदिग्ध मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लोकजीत सिंह, क्षेत्राधिकारी रामनगर
- जिन स्थानों पर वन निगम की ओर से जंगल में लकड़ी कटान का कार्य किया जा रहा है उसकी जिम्मेदारी वन निगम की होती है, इस बीच जंगल में किसी भी घटना के लिए वन निगम ही जिम्मेदार रहेगा।
- रामसिंह बिष्ट, रेंजर गदगदिया रेंज।
- जंगल की सुरक्षा का जिम्मा वन विभाग के पास है, वन निगम केवल उस क्षेत्र की जिम्मेदारी लेता है, जहां लकड़ी कटान होता है। लकड़ी कटान का कार्य कर रहे मजदूरों का रिकार्ड निचले अधिकारी के पास रहता है।
- एसआर सिंह, डीएलएम, कालाढूंगी पूर्वी।