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वन आरक्षी रहे हड़ताल पर
Updated Sat, 24 Mar 2018 02:55 AM IST
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रामनगर में वनकर्मियों का धरना
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी/रामनगर/नैनीताल। उत्तराखंड वन आरक्षी और वन बीट अधिकारी संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी ने दो सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का आह्वान किया है। इसके तहत 26 मार्च तक प्रदेश भर के मुख्यालयों में क्रमिक अनशन और 27 मार्च से बेमियादी कार्यबहिष्कार किया जाएगा। इसके अनुपालन में हल्द्वानी, रामनगर, खटीमा, टनकपुर में सभी वन बीट अधिकारियों और वन आरक्षी शुक्रवार से धरने पर बैठ गए।
वन बीट अधिकारियों और वन आरक्षियों ने वन दरोगा के पदों पर 33 प्रतिशत सीधी भर्ती संबंधी उत्तराखंड मंत्रिमंडल के 12 मार्च को पारित आदेश को निरस्त करने, वन आरक्षी से वन दरोगा के पद पर पदोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा संबंधी बाध्यता को समाप्त करने की मांग की। इसके लिए 27 मार्च से बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई। हल्द्वानी में ललित हर्बोला, शशिवर्धन अधिकारी, राकेश पंत, दीप चंद्र आदि थे। रामनगर में हुई सभा में ब्रजमोहन रावत ने कहा कि प्रदेश में वन आरक्षी के करीब 1600 पद खाली हैं, जिससे वन संपदा की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है। वहां धर्मपाल नेगी, तारादत्त, मोहित सिंह रावत, खिलाड़ी राम, राजेन्द्र सिंह थे। बैठक में वीरेंद्र प्रसाद पांडे, अनिल चौहान, भुवन चंद्र सती, मोहन पांडे, दीपक, रितु बेलवाल, बबीता जोशी, हेमा बिष्ट, कुसुम, गोविंदी देवी आदि थे। नैनीताल में रणदीप सिंह थापा, अशोक नेगी, गोविंद राम, सूरज बिष्ट, मनीषा भंडारी, मोनिका कोरंगा आदि ने धरना दिया।
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वन बीट अधिकारियों और वन आरक्षियों ने वन दरोगा के पदों पर 33 प्रतिशत सीधी भर्ती संबंधी उत्तराखंड मंत्रिमंडल के 12 मार्च को पारित आदेश को निरस्त करने, वन आरक्षी से वन दरोगा के पद पर पदोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा संबंधी बाध्यता को समाप्त करने की मांग की। इसके लिए 27 मार्च से बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई। हल्द्वानी में ललित हर्बोला, शशिवर्धन अधिकारी, राकेश पंत, दीप चंद्र आदि थे। रामनगर में हुई सभा में ब्रजमोहन रावत ने कहा कि प्रदेश में वन आरक्षी के करीब 1600 पद खाली हैं, जिससे वन संपदा की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है। वहां धर्मपाल नेगी, तारादत्त, मोहित सिंह रावत, खिलाड़ी राम, राजेन्द्र सिंह थे। बैठक में वीरेंद्र प्रसाद पांडे, अनिल चौहान, भुवन चंद्र सती, मोहन पांडे, दीपक, रितु बेलवाल, बबीता जोशी, हेमा बिष्ट, कुसुम, गोविंदी देवी आदि थे। नैनीताल में रणदीप सिंह थापा, अशोक नेगी, गोविंद राम, सूरज बिष्ट, मनीषा भंडारी, मोनिका कोरंगा आदि ने धरना दिया।
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