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राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण का मामला फिर
Updated Fri, 23 Mar 2018 02:33 AM IST
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नैनीताल। राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी सेवा में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का मामला फिर उच्च न्यायालय पहुंच गया है। अधिवक्ता रमन शाह ने उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। इस पर अगले हफ्ते सुनवाई की उम्मीद है।
अधिवक्ता रमन शाह ने याचिका में राज्य आंदोलनकारियों को पीड़ित बताते हए राहत और पुनर्वास नीति का हकदार बताया है। याचिका में कहा गया है कि अब तक मुजफ्फरनगर कांड में महिलाओं से दुष्कर्म, छेड़छाड़ तथा हत्या के मामलों के आरोपियों को सजा तक नहीं हुई है। राज्य आंदोलनकारियों सरकारी नौकरियों में को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मामले में खंडपीठ के दो जजों ने अलग अलग राय दी थी। इसके बाद मामला मुख्य न्यायाधीश ने यह मामला तीसरे न्यायाधीश को संदर्भित कर दिया था। तीसरे न्यायाधीश ने आरक्षण को असंवैधानिक घोषित किया था।
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अधिवक्ता रमन शाह ने याचिका में राज्य आंदोलनकारियों को पीड़ित बताते हए राहत और पुनर्वास नीति का हकदार बताया है। याचिका में कहा गया है कि अब तक मुजफ्फरनगर कांड में महिलाओं से दुष्कर्म, छेड़छाड़ तथा हत्या के मामलों के आरोपियों को सजा तक नहीं हुई है। राज्य आंदोलनकारियों सरकारी नौकरियों में को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मामले में खंडपीठ के दो जजों ने अलग अलग राय दी थी। इसके बाद मामला मुख्य न्यायाधीश ने यह मामला तीसरे न्यायाधीश को संदर्भित कर दिया था। तीसरे न्यायाधीश ने आरक्षण को असंवैधानिक घोषित किया था।
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