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छात्रावास में रहने वाले छात्रो के अभिभावको को कराया जाएगा अवगत
Updated Sat, 13 Jan 2018 02:37 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। पीएनजीपीजी कॉलेज रामनगर में बृहस्पतिवार देर रात हुए औचक निरीक्षण के दौरान छात्रों के कमरों से हीटर मिलने पर कॉलेज प्रशासन ने उन्हें जब्त कर लिया। इससे आक्रोशित छात्रों ने वहां हंगामा करते हुए कड़ाके की ठंड में अपनी-अपनी स्वेटर उतार अर्धनग्न प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. हेमा प्रसाद ने कहा कि छात्रों के अभिभावकों को स्थिति से अवगत कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
प्राचार्या डॉ. हेमा प्रसाद ने बताया कि नौ जनवरी को लोड बढ़ने से बिजली का मीटर फुंक गया था, जिसे रात में ही ठीक कराया गया। 11 जनवरी की रात छात्रावास की समिति ने छात्रावास में छापा मारा। इस दौरान छात्रों के कमरों से हीटर और अवैध सामग्री पाई गई, जिसे टीम ने जब्त कर लिया। कहा कि छात्रावास में प्रवेश के दौरान छात्रों, उनके अभिभावकों से शपथ पत्र में हस्ताक्षर लिए जाते हैं, जिसमें छात्रावास में रहने की शर्तों में हीटर का प्रयोग वर्जित होने की बात भी होती है। बताया कि छात्रावास में कुल 26 छात्र रहते हैं। इतनी कम छात्र संख्या में बिजली के अत्यधिक बिल का भुगतान करना संभव नहीं है। हीटर के प्रयोग से दुर्घटना का भी डर बना रहता है। वहीं छात्रावास के छात्रों का कहना है कि कड़ाके की ठंड में कॉलेज की ओर से छात्रों को काई सुविधा नहीं दी गई है। इसलिए उन्होंने खुद ही ठंड से बचने के लिए हीटर लगाए थे। नहाने के लिए गर्म पानी की भी कोई सुविधा नहीं होती है। छात्रों का कहना है कि या तो उन्हें हीटर वापस किए जाए या कॉलेज की तरफ से गर्म पानी, अलाव दिया जाए। एबीवीपी से जुड़े जितेंद्र सिंह रावत ने बताया कि छात्रावास का जनरेटर पिछले सात साल से खराब है। बिजली जाने पर पूरे छात्रावास में अंधेरा छा जाता है। छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत होती है। प्रदर्शन को समर्थन देने वालों में मुकेश पांडे, विनोद कुमार, कमल फुलारा, सुखवंत, कश्मीरा आदि शामिल हैं।
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प्राचार्या डॉ. हेमा प्रसाद ने बताया कि नौ जनवरी को लोड बढ़ने से बिजली का मीटर फुंक गया था, जिसे रात में ही ठीक कराया गया। 11 जनवरी की रात छात्रावास की समिति ने छात्रावास में छापा मारा। इस दौरान छात्रों के कमरों से हीटर और अवैध सामग्री पाई गई, जिसे टीम ने जब्त कर लिया। कहा कि छात्रावास में प्रवेश के दौरान छात्रों, उनके अभिभावकों से शपथ पत्र में हस्ताक्षर लिए जाते हैं, जिसमें छात्रावास में रहने की शर्तों में हीटर का प्रयोग वर्जित होने की बात भी होती है। बताया कि छात्रावास में कुल 26 छात्र रहते हैं। इतनी कम छात्र संख्या में बिजली के अत्यधिक बिल का भुगतान करना संभव नहीं है। हीटर के प्रयोग से दुर्घटना का भी डर बना रहता है। वहीं छात्रावास के छात्रों का कहना है कि कड़ाके की ठंड में कॉलेज की ओर से छात्रों को काई सुविधा नहीं दी गई है। इसलिए उन्होंने खुद ही ठंड से बचने के लिए हीटर लगाए थे। नहाने के लिए गर्म पानी की भी कोई सुविधा नहीं होती है। छात्रों का कहना है कि या तो उन्हें हीटर वापस किए जाए या कॉलेज की तरफ से गर्म पानी, अलाव दिया जाए। एबीवीपी से जुड़े जितेंद्र सिंह रावत ने बताया कि छात्रावास का जनरेटर पिछले सात साल से खराब है। बिजली जाने पर पूरे छात्रावास में अंधेरा छा जाता है। छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत होती है। प्रदर्शन को समर्थन देने वालों में मुकेश पांडे, विनोद कुमार, कमल फुलारा, सुखवंत, कश्मीरा आदि शामिल हैं।
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