फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   उप्र भेजे जाएंगे बिल

उप्र भेजे जाएंगे बिल

Mon, 21 May 2018 02:01 AM IST
Updated Mon, 21 May 2018 02:01 AM IST
विज्ञापन
उप्र भेजे जाएंगे बिल
हल्द्वानी। कर चोरी रोकने के लिए अब राज्य कर महकमा अब नई रणनीति बना रहा है। अब यूपी के जिलों से आने वाले ईंट आदि सामान का बिल एकत्र कर वेरिफाई करने के लिए संबंधित जिलों को भेजेगा। यह तय किया जाएगा कि इस खरीद फरोख्त को व्यापारी ने अपने बिक्री ब्योरे में दर्शाया है या नहीं। गैर पंजीकृत व्यापारियों के यहां भी जांच की जाएगी। ताकि प्रमाणित हो कि गैर पंजीकृत की आड़ में कर चोरी का माल तो नहीं मंगाया जा रहा है।
विज्ञापन

नैनीताल जनपद में रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत से ईंट, खाद्य तेल, आयरन स्टील आदि सामान आता है। इनमें ईंट का बिल 50,000 से कम होता है। यहीं से खेल शुरू होता है। 50 हजार से कम कीमत होने पर इनका ई वे बिल जारी नहीं होता है। ईंट का बिल बना भी होता है तो जीएसटी में गैर पंजीकृत व्यापारी के नाम से बना होता है। जीएसटी में गैर पंजीकृत व्यापारी के नाम से होने पर राज्य कर अधिकारी बिल की सत्यता नहीं जांच पाते हैं। वही दूसरे प्रदेश का बिल होने की वजह से माल के साथ आ रहे बिल की वैधता भी प्रमाणित नहीं हो पाती है। इससे कर चोरी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
विज्ञापन


सचल दस्ते ने एकत्र किए हैं 1800-2000 बिल
राज्य कर के सचल दस्ते ने दो हफ्ते लगातार बरेली रोड, कालाढूंगी रोड, रामपुर रोड पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। ईंट की ट्रालियों, खाद्य तेल और आयरन स्टील के प्रांतीय और अंतर प्रांतीय 1800-2,000 बिल एकत्र हुए हैं। इनमें अंतर प्रांतीय बिलों को जांच के लिए उप्र भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य सरकार को लगता है लाखों का चूना
ईंट पर 5 फीसदी, खाद्य तेल पर 5 फीसदी और आयरन स्टील पर 18 फीसदी कर होता है। रोजाना 50-100 वाहन आते हैं लेकिन 50 हजार से कम कीमत होने पर बिल नहीं बनता है। नतीजा सरकार को हर माह लाखों का चूना लगता है।


ईंट आदि पर ई वे बिल नहीं होता है, सिर्फ माल का बिल मिलता है। यह बिल गैर पंजीकृत व्यापारियों के नाम से होता है। इन बिलों को एकत्र किया गया है, अब जांच के लिए उप्र के राज्य कर अधिकारियों को भेजे जाएंगे। इसका मकसद कर चोरी रोेकना है।
-विनय प्रकाश ओझा, सचल दस्ता प्रभारी, राज्य कर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed