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ऊर्जा निगम के एमडी उच्च न्यायालय में तलब
Updated Sat, 24 Mar 2018 02:42 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने ऊर्जा निगम में उपनल के माध्यम से कार्यरत संविदा महिला कर्मचारी को शिशु की देखभाल के लिए अवकाश न देने के मामले में निगम के प्रबंध निदेशक बीसी मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करने पर नौ अप्रैल को उच्च न्यायालय में पेश होने के आदेश दिया है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। निगम में उपनल के माध्यम से कार्यरत संविदा महिला कर्मचारी कविता पंत ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि वह ऊर्जा निगम में डाटा एंट्री के पद पर कार्यरत है। उन्होंने बच्चे की देखभाल के लिए अवकाश मांगा था। उपखंड अधिकारी रानीखेत ने उनके इस आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया कि वे संविदा कर्मचारी है और अवकाश देने का कोई शासनादेश नही है। याची के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के दीपा शर्मा बनाम उत्तराखंड राज्य में यह आदेश दिए गए थे कि मातृ अवकाश व शिशु की देखभाल के लिए अवकाश उन सभी कर्मचारियों को दिया जाय। इस आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी राज्य के मुख्य सचिव को दी गयी।
नौ अप्रैल को व्यक्तिगत रुप से पेश होेंगे
उपनल कर्मी को नहीं दिया शिशु की देखभाल के लिए अवकाश
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वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। निगम में उपनल के माध्यम से कार्यरत संविदा महिला कर्मचारी कविता पंत ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि वह ऊर्जा निगम में डाटा एंट्री के पद पर कार्यरत है। उन्होंने बच्चे की देखभाल के लिए अवकाश मांगा था। उपखंड अधिकारी रानीखेत ने उनके इस आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया कि वे संविदा कर्मचारी है और अवकाश देने का कोई शासनादेश नही है। याची के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के दीपा शर्मा बनाम उत्तराखंड राज्य में यह आदेश दिए गए थे कि मातृ अवकाश व शिशु की देखभाल के लिए अवकाश उन सभी कर्मचारियों को दिया जाय। इस आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी राज्य के मुख्य सचिव को दी गयी।
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नौ अप्रैल को व्यक्तिगत रुप से पेश होेंगे
उपनल कर्मी को नहीं दिया शिशु की देखभाल के लिए अवकाश