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स्टोन क्रशर आपस में उलझे
Updated Fri, 16 Feb 2018 02:29 AM IST
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हल्द्वानी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के हिमालय स्टोन क्रशर और हिमालय ग्रिटस के संचालन समय सुबह सात से शाम छह बजे करने के आदेश पर क्रशर संचालक उलझ गए हैं। हिमालय स्टोन क्रशर संचालक ने अधिकरण में याचिका दायर कर बाकी क्रशरों में प्रदूषण की जांच और समय में बदलाव करने की मांग की है।
मोतीनगर में स्थित हिमालय स्टोन क्रशर और हिमालय ग्रिटस के खिलाफ गांव के ही उमराव सिंह भंडारी और तेजेंद्र जौली ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में क्रशर से होने वाले ध्वनि, वायु, जल प्रदूषण से आबादी पर होने वाले नुकसान का हवाला दिया गया था। इसी क्रम में सितंबर 2017 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने हिमालय स्टोन क्रशर और हिमालय ग्रिटस में प्रदूषण की जांच की थी। जांच रिपोर्ट में क्रशर से प्रदूषण होने की पुष्टि की गई थी। इसके बाद हरित अधिकरण ने दोनों उद्योगों को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक ही चलाने के निर्देश दिए। इन निर्देशों को लेकर स्टोन क्रशर संचालक आपस में ही उलझ गए हैं।
हिमालय स्टोन क्रशर के स्वामी भूमेश अग्रवाल ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण में याचिका दायर कर अन्य 19 स्टोन क्रशरों पर भी प्रदूषण की जांच करने और समय सुबह सात से शाम छह बजे तक करने की मांग की थी। इसी याचिका के निर्देशानुसार पिछले माह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बाकी 19 स्टोन क्रशरों में ध्वनि, वायु, मृदा, जल प्रदूषण की जांच की थी। इसकी रिपोर्ट 19 फरवरी को अधिकरण में सौंपी जाएगी। इसके बाद ही इन क्रशरों का भविष्य तय हो पाएगा।
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मोतीनगर में स्थित हिमालय स्टोन क्रशर और हिमालय ग्रिटस के खिलाफ गांव के ही उमराव सिंह भंडारी और तेजेंद्र जौली ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में क्रशर से होने वाले ध्वनि, वायु, जल प्रदूषण से आबादी पर होने वाले नुकसान का हवाला दिया गया था। इसी क्रम में सितंबर 2017 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने हिमालय स्टोन क्रशर और हिमालय ग्रिटस में प्रदूषण की जांच की थी। जांच रिपोर्ट में क्रशर से प्रदूषण होने की पुष्टि की गई थी। इसके बाद हरित अधिकरण ने दोनों उद्योगों को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक ही चलाने के निर्देश दिए। इन निर्देशों को लेकर स्टोन क्रशर संचालक आपस में ही उलझ गए हैं।
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हिमालय स्टोन क्रशर के स्वामी भूमेश अग्रवाल ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण में याचिका दायर कर अन्य 19 स्टोन क्रशरों पर भी प्रदूषण की जांच करने और समय सुबह सात से शाम छह बजे तक करने की मांग की थी। इसी याचिका के निर्देशानुसार पिछले माह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बाकी 19 स्टोन क्रशरों में ध्वनि, वायु, मृदा, जल प्रदूषण की जांच की थी। इसकी रिपोर्ट 19 फरवरी को अधिकरण में सौंपी जाएगी। इसके बाद ही इन क्रशरों का भविष्य तय हो पाएगा।
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