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शौका जानी झांझर, शौक्याणी जानी चान मां
Updated Sun, 12 Nov 2017 02:26 AM IST
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हल्द्वानी। शहर में शनिवार को जोहार (मुनस्यारी) समाज ने सांस्कृतिक छटा देखने को मिली। छोेलिया नृत्य, शौका और रं समाज की पारंपरिक वेश भूषा के साथ निकाली गई जोहारी शौका शोभायात्रा और एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ जोहार महोत्सव शुरू हुआ। महोत्सव में आए लोगों में गजब का उत्साह देखा गया।
दोनहरिया स्थित शिवसुदंरम बारात घर में आयोजित समारोह में जुटे जोहार समाज के लोगों ने पहले भव्य शोभायात्रा निकाली। इसमें पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों ने जोहार की सांस्कृतिक छटा पेश की। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। गणेश मर्तोलिया ने ‘लाखों, हजारों में सारी दुनिया में मलो मेरो मुनस्यार मेरो जोहार’ की शानदार प्रस्तुति की। इसके अलावा प्रह्लाद सिंह मेहरा एंड पार्टी ने रंगारंग कुमाऊंनी लोकगीतों और लोकनृत्यों से महोत्सव को जानदार बना दिया। लोक गायकों ने मुनस्यारी की याद को ताजा करने वाली ‘शौका जानी झांझर, शौक्याणी जानी चान मां’, ‘ऐ जे वे चेत बैसाख मर मुनस्यार’, ‘कल-कल बहनी धौली गंगा मेरी काली गंगा’, ‘आदू मुनस्यार, सार्वे संसार, आदि स्थानीय और लोकगीतों ने महोत्सव को चार चांद लगा दिए।
इससे पहले महोत्सव का उद्घाटन मेयर जोगेंद्र सिंह रौतेला ने किया। उन्होंने कहा कि जोहार समाज की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का प्रयास सराहनीय है। मेयर ने जोहार जन मिलन केंद्र के लिए चौदहवें वित्त से पांच लाख रुपए देने की घोषणा भी की। जोहर सांस्कृतिक और वेलफेयर सोसायटी के संरक्षक गजेंद्र सिंंह पांगती ने कहा कि भविष्य में इस तरह के आयोजन होते रहेंगे जिससे हम अपनी जड़ों को न भूल पाएं। अध्यक्ष देवेंद्र सिंह धर्मशक्तू और महासचिव भूपेंद्र सिंह पांगती ने कहा कि महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य विलुप्त हो रही जोहारी संस्कृति का संवर्धन और संरक्षण करना है। इस मौके पर जोहार संस्कृति के पुरोधा रहे स्व. शेर सिंह पांगती को भी याद किया गया। गूगल में स्थान पाए नैन सिंह रावत की उपलब्धियों का भी बखान किया गया। कार्यक्रम में कैलाश मर्तोलिया, गजेंद्र सिंह पांगती, डॉ., प्रह्लाद सिंह मर्तोलिया, केदार सिंह रावत, भूपाल सिंह मर्तोलिया, गोविंद सिंह पांगती, प्रह्लाद सिंह बुर्फाल, पुरमल सिंह धर्मशक्तू, जगजीवन कन्याल, देवेंद्र सिंह दरियाल आदि मौजूद थे। संचालन मनोहर सिंह बृजवाल ने किया।
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दोनहरिया स्थित शिवसुदंरम बारात घर में आयोजित समारोह में जुटे जोहार समाज के लोगों ने पहले भव्य शोभायात्रा निकाली। इसमें पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों ने जोहार की सांस्कृतिक छटा पेश की। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। गणेश मर्तोलिया ने ‘लाखों, हजारों में सारी दुनिया में मलो मेरो मुनस्यार मेरो जोहार’ की शानदार प्रस्तुति की। इसके अलावा प्रह्लाद सिंह मेहरा एंड पार्टी ने रंगारंग कुमाऊंनी लोकगीतों और लोकनृत्यों से महोत्सव को जानदार बना दिया। लोक गायकों ने मुनस्यारी की याद को ताजा करने वाली ‘शौका जानी झांझर, शौक्याणी जानी चान मां’, ‘ऐ जे वे चेत बैसाख मर मुनस्यार’, ‘कल-कल बहनी धौली गंगा मेरी काली गंगा’, ‘आदू मुनस्यार, सार्वे संसार, आदि स्थानीय और लोकगीतों ने महोत्सव को चार चांद लगा दिए।
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इससे पहले महोत्सव का उद्घाटन मेयर जोगेंद्र सिंह रौतेला ने किया। उन्होंने कहा कि जोहार समाज की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का प्रयास सराहनीय है। मेयर ने जोहार जन मिलन केंद्र के लिए चौदहवें वित्त से पांच लाख रुपए देने की घोषणा भी की। जोहर सांस्कृतिक और वेलफेयर सोसायटी के संरक्षक गजेंद्र सिंंह पांगती ने कहा कि भविष्य में इस तरह के आयोजन होते रहेंगे जिससे हम अपनी जड़ों को न भूल पाएं। अध्यक्ष देवेंद्र सिंह धर्मशक्तू और महासचिव भूपेंद्र सिंह पांगती ने कहा कि महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य विलुप्त हो रही जोहारी संस्कृति का संवर्धन और संरक्षण करना है। इस मौके पर जोहार संस्कृति के पुरोधा रहे स्व. शेर सिंह पांगती को भी याद किया गया। गूगल में स्थान पाए नैन सिंह रावत की उपलब्धियों का भी बखान किया गया। कार्यक्रम में कैलाश मर्तोलिया, गजेंद्र सिंह पांगती, डॉ., प्रह्लाद सिंह मर्तोलिया, केदार सिंह रावत, भूपाल सिंह मर्तोलिया, गोविंद सिंह पांगती, प्रह्लाद सिंह बुर्फाल, पुरमल सिंह धर्मशक्तू, जगजीवन कन्याल, देवेंद्र सिंह दरियाल आदि मौजूद थे। संचालन मनोहर सिंह बृजवाल ने किया।
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