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आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के छात्रो की फीस दोगुना किए जाने के शासनादेश पर रोक
Updated Tue, 01 Aug 2017 03:10 AM IST
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नैनीताल। हाइकोर्ट ने आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के छात्रों की फीस दोगुनी करने के शासन के आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार और आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज से जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
सोमवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी और हिमालयन आयुर्वेद मेडिकल कालेज के बीएएमएस के छात्र यश कुमार सैनी और 103 अन्य ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर 14 अक्टूबर 2015 के शासनादेश को चुनौती दी थी। इस शासनादेश के जरिये आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के छात्रों की फीस दोगुने से भी अधिक कर दी गई थी। याचिका में कहा कि वर्तमान में फीस 80 हजार रुपये है। अंतरिम आदेश जारी कर इस फीस को दो लाख पंद्रह हजार वार्षिक कर दिया गया । इस शासनादेश के आधार पर निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज ने 31 मई 2017 बढ़ी हुई फीस जमा करने का डिमांड नोटिस जारी किया। मेडिकल कालेज ने फीस जमा करने के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की और निर्धारित समय में फीस जमा न करने पर एक हजार रुपये प्रतिमाह का जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया। पक्षों की सुनवाई के बाद हाइकोर्ट की एकलपीठ ने फीस बढ़ाने के शासनादेश पर रोक लगा दी।
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सोमवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी और हिमालयन आयुर्वेद मेडिकल कालेज के बीएएमएस के छात्र यश कुमार सैनी और 103 अन्य ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर 14 अक्टूबर 2015 के शासनादेश को चुनौती दी थी। इस शासनादेश के जरिये आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के छात्रों की फीस दोगुने से भी अधिक कर दी गई थी। याचिका में कहा कि वर्तमान में फीस 80 हजार रुपये है। अंतरिम आदेश जारी कर इस फीस को दो लाख पंद्रह हजार वार्षिक कर दिया गया । इस शासनादेश के आधार पर निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज ने 31 मई 2017 बढ़ी हुई फीस जमा करने का डिमांड नोटिस जारी किया। मेडिकल कालेज ने फीस जमा करने के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की और निर्धारित समय में फीस जमा न करने पर एक हजार रुपये प्रतिमाह का जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया। पक्षों की सुनवाई के बाद हाइकोर्ट की एकलपीठ ने फीस बढ़ाने के शासनादेश पर रोक लगा दी।
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