{"_id":"5a4552c24f1c1b156b8beff3","slug":"151449277197-ramnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेका मजदूर समिति ने 7 को पंचायत करने का लिया निर्णय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेका मजदूर समिति ने 7 को पंचायत करने का लिया निर्णय
Updated Fri, 29 Dec 2017 01:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर (नैनीताल)। ठेका मजदूर कल्याण समिति ने आयुष मंत्रालय भारत सरकार की आईएमपीसीएल आयुर्वेदिक दवा फैक्ट्री मोहान के विनिवेशीकरण का विरोध किया है। उन्होंने लाभ वाले सल्ट क्षेत्र जिला अल्मोड़ा के इस विशिष्ट सरकारी कारखाने को निजी हाथों बेचने का आरोप लगाया है। इसके खिलाफ समिति सात जनवरी को पंचायत बुलाकर आंदोलन की रणनीति बनाएगी।
पैठपड़ाव में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में ठेका मजदूर कल्याण समिति के अध्यक्ष किशन शर्मा ने कहा कि आईएमपीसीएल भारत सरकार की मिनी नवरत्न कंपनियों में शुमार रही है। इस कारखाने के पास 100 साल की लीज पर 40.3 एकड़ समतल वनभूमि है। इसमें कई कारखानों के साथ भारतीय स्टेट बैंक की शाखा, केएमवीएन का रिसोर्ट भी लगा है। समिति के सचिव शेखर आर्या ने कहा कि आईएमपीसीएल में 120 नियमित कर्मचारी, श्रमिकों समेत प्रबंधकीय अधिकारियों की संख्या 21 है। 200 से अधिक ठेका श्रमिक भी कारखाने में काम करते हैं, पहाड़ी क्षेत्र में लगे इस कारखाने से वहां के कर्मचारियों समेत आसपास की स्थानीय आबादी को भी रोजगार मिलता है। गांव, पहाड़ से पलायन रोकने के लिए इसे बचाए रखने की जरूरत है। बैठक में नवीन अधिकारी, मंजू भट्ट, राकेश पटवाल, बालकिशन चौधरी, नंदन बिष्ट, शेखर आर्या, मुनीष कुमार आदि थे।
विज्ञापन
पैठपड़ाव में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में ठेका मजदूर कल्याण समिति के अध्यक्ष किशन शर्मा ने कहा कि आईएमपीसीएल भारत सरकार की मिनी नवरत्न कंपनियों में शुमार रही है। इस कारखाने के पास 100 साल की लीज पर 40.3 एकड़ समतल वनभूमि है। इसमें कई कारखानों के साथ भारतीय स्टेट बैंक की शाखा, केएमवीएन का रिसोर्ट भी लगा है। समिति के सचिव शेखर आर्या ने कहा कि आईएमपीसीएल में 120 नियमित कर्मचारी, श्रमिकों समेत प्रबंधकीय अधिकारियों की संख्या 21 है। 200 से अधिक ठेका श्रमिक भी कारखाने में काम करते हैं, पहाड़ी क्षेत्र में लगे इस कारखाने से वहां के कर्मचारियों समेत आसपास की स्थानीय आबादी को भी रोजगार मिलता है। गांव, पहाड़ से पलायन रोकने के लिए इसे बचाए रखने की जरूरत है। बैठक में नवीन अधिकारी, मंजू भट्ट, राकेश पटवाल, बालकिशन चौधरी, नंदन बिष्ट, शेखर आर्या, मुनीष कुमार आदि थे।
विज्ञापन