{"_id":"59d528a44f1c1bb8538b5dc7","slug":"150714184819-garud-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेतीबाड़ी का सीजन पीक पर चलने से ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में नहीं जुट रही भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेतीबाड़ी का सीजन पीक पर चलने से ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में नहीं जुट रही भीड़
Updated Wed, 04 Oct 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
गरुड़ (बागेश्वर)। विकास खंड के ग्रामीण इलाकों में खेतीबाड़ी का सीजन जोरों पर चलने से ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में भीड़ नहीं जुट पा रही हैं। कोरम के अभाव में कई ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत अधिकारियों को बैठक स्थगित करनी पड़ रही है।
ग्राम प्रधान संगठन और विभिन्न गांवों के प्रधानों ने सीएम त्रिवेंद्र रावत को भेजे ज्ञापन में कहा है कि जिला प्रशासन ने अपनी सुविधा को देखते हुए ग्राम पंचायतों खुली बैठकों की तिथि तय की है। ग्राम पंचायत को विश्वास में लेने के बाद ही खुली बैठकों की तिथि तय करने को कहा है। ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन ममगई का कहना है कि विकास खंड के अंतर्गत इस बीच धान की कटाई और मड़ाई का सीजन जोरों पर चल रहा है। खेती के सीजन में खुली बैठक करना प्रधानों के लिए मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते कई गांवों में कोरम पूरा नहीं होने पर प्रधानों को बैठक स्थगित करनी पड़ रही है।
मेलाडुंगरी के प्रधान बलवंत भंडारी, नैकाना की प्रधान प्रेमा परिहार, सुराग के खिलाफ सिंह, पुरुड़ा के जैत सिंह थायत, डंगोली के हीरा सिंह बोरा, गढ़खेत के भुवन चंद आदि ने जिला प्रशासन से ग्राम प्रधानों को विश्वास में लेने के बाद ही खुली बैठकों का रोस्टर बनाने को कहा है। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम प्रधान संगठन और विभिन्न गांवों के प्रधानों ने सीएम त्रिवेंद्र रावत को भेजे ज्ञापन में कहा है कि जिला प्रशासन ने अपनी सुविधा को देखते हुए ग्राम पंचायतों खुली बैठकों की तिथि तय की है। ग्राम पंचायत को विश्वास में लेने के बाद ही खुली बैठकों की तिथि तय करने को कहा है। ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन ममगई का कहना है कि विकास खंड के अंतर्गत इस बीच धान की कटाई और मड़ाई का सीजन जोरों पर चल रहा है। खेती के सीजन में खुली बैठक करना प्रधानों के लिए मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते कई गांवों में कोरम पूरा नहीं होने पर प्रधानों को बैठक स्थगित करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
मेलाडुंगरी के प्रधान बलवंत भंडारी, नैकाना की प्रधान प्रेमा परिहार, सुराग के खिलाफ सिंह, पुरुड़ा के जैत सिंह थायत, डंगोली के हीरा सिंह बोरा, गढ़खेत के भुवन चंद आदि ने जिला प्रशासन से ग्राम प्रधानों को विश्वास में लेने के बाद ही खुली बैठकों का रोस्टर बनाने को कहा है। ब्यूरो
विज्ञापन