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अतिक्रमण मामले में जवाब तलब
Updated Fri, 18 Aug 2017 02:03 AM IST
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नैनीताल। हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 74 गदरपुर में दुकानों, फडों और ठेले वालों की ओर से किए गए अतिक्रमण मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, डीएम ऊधमसिंह नगर और नगर पालिका को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में सुनवाई की तारीख 18 सितंबर तय की गई है।
न्यायमूर्ति वीके बिष्ट और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ऊधमसिंह नगर निवासी यशपाल वर्मा, रवींद्र पाल सिंह और सुधांशु जोशी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि इस हाइवे पर दुकानों, फडों और ठेले वालों की ओर से अतिक्रमण किया गया है। इससे वहां लोगों का चलना तक दूभर हो गया है। जनहित याचिका में कहा कि वहां पर पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। लोग अपने वाहनों को आड़ा तिरछा खड़ा कर देते हैं। इससे जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। दुर्घटना होने की संभावना होती है। याचिका में कहा कि आरटीआई के तहत मांगी गई रिपोर्ट में यह पता चला है कि वाहन हादसे के 42 मुकदमे दर्ज हुए। 20 लोगों की मौत हुई है। याचिका में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगरपालिका गदरपुर ने यह माना है कि वहां पर अतिक्रमण हुआ है लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। याचिका में कहा कि वहां सरकारी जमीन है जो पार्किंग के काम आ सकती है।
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न्यायमूर्ति वीके बिष्ट और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ऊधमसिंह नगर निवासी यशपाल वर्मा, रवींद्र पाल सिंह और सुधांशु जोशी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि इस हाइवे पर दुकानों, फडों और ठेले वालों की ओर से अतिक्रमण किया गया है। इससे वहां लोगों का चलना तक दूभर हो गया है। जनहित याचिका में कहा कि वहां पर पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। लोग अपने वाहनों को आड़ा तिरछा खड़ा कर देते हैं। इससे जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। दुर्घटना होने की संभावना होती है। याचिका में कहा कि आरटीआई के तहत मांगी गई रिपोर्ट में यह पता चला है कि वाहन हादसे के 42 मुकदमे दर्ज हुए। 20 लोगों की मौत हुई है। याचिका में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगरपालिका गदरपुर ने यह माना है कि वहां पर अतिक्रमण हुआ है लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। याचिका में कहा कि वहां सरकारी जमीन है जो पार्किंग के काम आ सकती है।
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