{"_id":"597ba41d4f1c1bf0768b46e9","slug":"150127524810-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राथमिक सहायक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के मामले में सरकार से जवाब तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राथमिक सहायक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के मामले में सरकार से जवाब तलब
Updated Sat, 29 Jul 2017 02:22 AM IST
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नैनीताल। हाइकोर्ट ने बागेश्वर जिले में प्राथमिक शिक्षा में अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में याचिकाकर्ताओं को शामिल करने का निर्देश देते हुए सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के कहा है।
न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बागेश्वर निवासी पुष्पा बलोदी और दयाल कुमार ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर बागेश्वर जिले में प्राथमिक सहायक भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की प्रार्थना की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने 2014 में शिक्षा मित्रों के साथ इंदिरा गांधी मुक़्त विश्व विद्यालय से दो वर्षीय डीएलएड डिप्लोमा किया है और उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा भी उत्तीर्ण की हुई है।
जिला शिक्षा अधिकारी बागेश्वर (प्राथमिक) के चार जुलाई 2017 के विज्ञापन में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, जिन्होंने जिला बागेश्वर डाइट से दो वर्षीय डिप्लोमा डीएलएड किया हो। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनके डिप्लोमा एनसीईटी द्वारा मान्यता प्राप्त है जिसे भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। याचिका में प्राथमिक शिक्षक सेवा नियमावली 2012 और संशोधन नियमावली 2013 को भी चुनौती दी गयी है।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से 31 जुलाई 2017 को होने वाली काउंसलिंग में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम रूप से शामिल किये जाने की प्रार्थना की गई थी। पक्षों की सुनवाई के बाद पीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक बागेश्वर को याचिकाकर्ताओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा है कि याचिकाकर्ताओं का चयन परिणाम बिना कोर्ट के अनुमति के घोषित नहीं किया जाएगा।
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न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बागेश्वर निवासी पुष्पा बलोदी और दयाल कुमार ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर बागेश्वर जिले में प्राथमिक सहायक भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की प्रार्थना की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने 2014 में शिक्षा मित्रों के साथ इंदिरा गांधी मुक़्त विश्व विद्यालय से दो वर्षीय डीएलएड डिप्लोमा किया है और उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा भी उत्तीर्ण की हुई है।
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जिला शिक्षा अधिकारी बागेश्वर (प्राथमिक) के चार जुलाई 2017 के विज्ञापन में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, जिन्होंने जिला बागेश्वर डाइट से दो वर्षीय डिप्लोमा डीएलएड किया हो। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनके डिप्लोमा एनसीईटी द्वारा मान्यता प्राप्त है जिसे भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। याचिका में प्राथमिक शिक्षक सेवा नियमावली 2012 और संशोधन नियमावली 2013 को भी चुनौती दी गयी है।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से 31 जुलाई 2017 को होने वाली काउंसलिंग में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम रूप से शामिल किये जाने की प्रार्थना की गई थी। पक्षों की सुनवाई के बाद पीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक बागेश्वर को याचिकाकर्ताओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा है कि याचिकाकर्ताओं का चयन परिणाम बिना कोर्ट के अनुमति के घोषित नहीं किया जाएगा।