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बसों और ट्रकों के पहिये जाम किसान और यात्री बेहाल
Updated Thu, 26 Jul 2018 02:04 AM IST
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भवाली (नैनीताल)। कुमाऊं मोटर्स ऑनर्स एसोसिएशन से जुड़ी बसों की हड़ताल का असर भवाली में भी देखने को मिल रहा है। घंटो बस का इंतजार करने के बाद लोग दोगुना किराया देकर टैक्सी में जाने को मजबूर हैं। वहीं ट्रकों की हड़ताल से पहाड़ों के किसानों की सब्जियां और फल रखे-रखे सड़ने लगे हैं।
केमू की हड़ताल से भवाली के आसपास खैरना, गरमपानी, रातीघाट, भूमियाधार के लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि लोकल के लिए टैक्सी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। उधर, बसों की हड़ताल के चलते टैक्सी वाले भवाली से अल्मोड़ा तक 250 रुपये किराया ले रहे हैं।
पैदल जाने को मजबूर स्कूली बच्चे
बस हड़ताल के चलते स्थानीय स्कूल के बच्चों को रोजाना 6 से 8 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में पैदल जाने वाले बच्चों के लिए दुर्घटना का डर बना हुआ है।
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यात्री हुए परेशान
हमें पिथौरागढ़ जाना था समय से अल्मोड़ा तक भी बस मिल जाती तो वही होटल लेकर रह लेता। एक घंटे से बारिश में खड़ा हूं लेकिन वाहन न होने से बहुत परेशानी रही।
मदन सिंह कार्की, यात्री
खैरना जाना है पिछले एक घंटे से खड़ा हूं। लोकल के लोगों को टैक्सी वाले भी नहीं ले जा रहे हैं। कोई परेशानी सुनने वाला नहीं है।
रतन सिंह, यात्री
खेतों में ही सड़ रहीं सब्जियां
जहां बसों की हड़ताल से यात्री परेशान हैं वहीं ट्रक हड़ताल से स्थानीय काश्तकारों की सब्जियां खेतों में ही सड़ रही हैं। काश्तकारों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट सुविधा न मिलने से फल और सब्जी बाजार तक नहीं पहुंच पा रही हैं। फल और सब्जी के कारोबारी प्रकाश चंद्र पांडे ने बताया कि छोटे वाहनों से महंगा किराया देकर सब्जी और फल हल्द्वानी तक जैसे-तैसे पहुंचाए जा रहे हैं। शिमला मिर्च और टमाटर खेतों में सड़ रहे हैं।
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केमू की हड़ताल से भवाली के आसपास खैरना, गरमपानी, रातीघाट, भूमियाधार के लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि लोकल के लिए टैक्सी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। उधर, बसों की हड़ताल के चलते टैक्सी वाले भवाली से अल्मोड़ा तक 250 रुपये किराया ले रहे हैं।
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पैदल जाने को मजबूर स्कूली बच्चे
बस हड़ताल के चलते स्थानीय स्कूल के बच्चों को रोजाना 6 से 8 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में पैदल जाने वाले बच्चों के लिए दुर्घटना का डर बना हुआ है।
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यात्री हुए परेशान
हमें पिथौरागढ़ जाना था समय से अल्मोड़ा तक भी बस मिल जाती तो वही होटल लेकर रह लेता। एक घंटे से बारिश में खड़ा हूं लेकिन वाहन न होने से बहुत परेशानी रही।
मदन सिंह कार्की, यात्री
खैरना जाना है पिछले एक घंटे से खड़ा हूं। लोकल के लोगों को टैक्सी वाले भी नहीं ले जा रहे हैं। कोई परेशानी सुनने वाला नहीं है।
रतन सिंह, यात्री
खेतों में ही सड़ रहीं सब्जियां
जहां बसों की हड़ताल से यात्री परेशान हैं वहीं ट्रक हड़ताल से स्थानीय काश्तकारों की सब्जियां खेतों में ही सड़ रही हैं। काश्तकारों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट सुविधा न मिलने से फल और सब्जी बाजार तक नहीं पहुंच पा रही हैं। फल और सब्जी के कारोबारी प्रकाश चंद्र पांडे ने बताया कि छोटे वाहनों से महंगा किराया देकर सब्जी और फल हल्द्वानी तक जैसे-तैसे पहुंचाए जा रहे हैं। शिमला मिर्च और टमाटर खेतों में सड़ रहे हैं।