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नैनीताल बैंक के निजीकरण के प्रयासों का किया विरोध
Updated Sat, 07 Jul 2018 02:04 AM IST
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नैनीताल। नैनीताल बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार नई दिल्ली में संसदीय समिति के समक्ष पेश होकर नैनीताल बैंक के निजीकरण का विरोध किया। एसोसिएशन ने बैंक के निजीकरण के बजाए उसके मर्जर पर जोर दिया।
पिछले काफी समय से नैनीताल बैंक के निजीकरण की कार्रवाई की जा रही है और नैनीताल बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन इसका विरोध कर रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के विरोध के चलते सांसद भगत सिंह कोश्यारी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति इसकी समीक्षा कर रही है। संसदीय समिति ने शुक्रवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए समिति के समक्ष प्रस्तुत होने को कहा था। नैनीताल बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर कन्याल ने फोन पर बताया कि एसोसिएशन ने समिति के समक्ष कहा कि नैनीताल बैंक को प्राइवेट हाथों में बेचने की साजिश रची जा रही है। यदि ऐसा हुआ तो इससे कर्मचारियों के हित तो प्रभावित होंगे ही साथ ही प्राइवेटाइजेशन के बाद बैंक में सरकारी योजनाओं पर भी काम नहीं होगा जबकि वर्तमान में नैनीताल बैंक समस्त सरकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि समिति अध्यक्ष कोश्यारी ने यूनियन नेताओं के पक्ष को सुनने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के सीएमडी जय कुमार का पक्ष भी जाना। उन्होंने बताया कि समिति अब उक्त रिपोर्ट संसद के समक्ष रखेगी।
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पिछले काफी समय से नैनीताल बैंक के निजीकरण की कार्रवाई की जा रही है और नैनीताल बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन इसका विरोध कर रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के विरोध के चलते सांसद भगत सिंह कोश्यारी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति इसकी समीक्षा कर रही है। संसदीय समिति ने शुक्रवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए समिति के समक्ष प्रस्तुत होने को कहा था। नैनीताल बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर कन्याल ने फोन पर बताया कि एसोसिएशन ने समिति के समक्ष कहा कि नैनीताल बैंक को प्राइवेट हाथों में बेचने की साजिश रची जा रही है। यदि ऐसा हुआ तो इससे कर्मचारियों के हित तो प्रभावित होंगे ही साथ ही प्राइवेटाइजेशन के बाद बैंक में सरकारी योजनाओं पर भी काम नहीं होगा जबकि वर्तमान में नैनीताल बैंक समस्त सरकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि समिति अध्यक्ष कोश्यारी ने यूनियन नेताओं के पक्ष को सुनने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के सीएमडी जय कुमार का पक्ष भी जाना। उन्होंने बताया कि समिति अब उक्त रिपोर्ट संसद के समक्ष रखेगी।
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