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राज्य कर के बिल होंगे जांच
Updated Mon, 28 May 2018 02:32 AM IST
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हल्द्वानी। राज्य कर विभाग आयरन स्टील और खाद्य तेल के प्रांतीय और अंतर प्रांतीय बिलों को जांच के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में भेजेगा। माल भेजने और खरीदने वाले व्यापारियों का जीएसटी रिटर्न में भी खरीद फरोख्त की जांच की जाएगी।
अपर आयुक्त बीएस नगन्याल के निर्देश पर कुमाऊं के छह जिलों में आयरन स्टील और खाद्य तेल के बिल संकलित करने का अभियान चलाया गया। नौ से 22 मई तक ऊधमसिंह नगर से पिथौरागढ़ तक सात मोबाइल टीमों ने आयरन स्टील के 12,908.77 लाख रुपये मूल्य के 2,278 बिल संकलित हुए। वहीं खाद्य तेल के 801.71 लाख रुपये के 158 बिल संकलित हुए। इन बिलों में अधिकांश बिल प्रांत के भीतर और प्रांत के बाहर के हैं।
अब राज्य कर विभाग प्रांत के भीतर के बिलों को संबंधित खंड के राज्य अधिकारियों को भेजा जा रहा है। वहीं प्रांत के बाहर के बिलों को बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर जिलों में राज्य कर अधिकारियों को भेजा जा रहा है। इन बिलों को संबंधित राज्य कर अधिकारी जांच करेंगे कि इन बिलों को माल बेचने वाले अधिकारी ने जीएसटी आर 1 और खरीदने वाले ने जीएसटी आर 3 बी में दिखाया है या नहीं। यदि नहीं दिखाया होगा तो इनके आधार पर व्यापारियों के खिलाफ जांच की जाएगी।
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अपर आयुक्त के निर्देशों पर कुमाऊं भर में बिल संकलित किए हैं। अब इन बिलों की जांच के लिए उप्र, उत्तराखंड के संबंधित अधिकारियों को भेजा जा रहा है।
- विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्य कर, सचल दस्ता प्रभारी
उप्र से बनाया जा रहा है समन्वय
हल्द्वानी। अपर आयुक्त बीएस नगन्याल कर चोरी रोकने के मकसद से बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद के राज्य कर अधिकारियों के साथ समन्वय भी स्थापित कर रहे हैं, ताकि बिल जांचने की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित नहीं रह जाए। इन बिलों की जांच हो और दोनों प्रदेशों को इसका लाभ मिले।
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अपर आयुक्त बीएस नगन्याल के निर्देश पर कुमाऊं के छह जिलों में आयरन स्टील और खाद्य तेल के बिल संकलित करने का अभियान चलाया गया। नौ से 22 मई तक ऊधमसिंह नगर से पिथौरागढ़ तक सात मोबाइल टीमों ने आयरन स्टील के 12,908.77 लाख रुपये मूल्य के 2,278 बिल संकलित हुए। वहीं खाद्य तेल के 801.71 लाख रुपये के 158 बिल संकलित हुए। इन बिलों में अधिकांश बिल प्रांत के भीतर और प्रांत के बाहर के हैं।
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अब राज्य कर विभाग प्रांत के भीतर के बिलों को संबंधित खंड के राज्य अधिकारियों को भेजा जा रहा है। वहीं प्रांत के बाहर के बिलों को बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर जिलों में राज्य कर अधिकारियों को भेजा जा रहा है। इन बिलों को संबंधित राज्य कर अधिकारी जांच करेंगे कि इन बिलों को माल बेचने वाले अधिकारी ने जीएसटी आर 1 और खरीदने वाले ने जीएसटी आर 3 बी में दिखाया है या नहीं। यदि नहीं दिखाया होगा तो इनके आधार पर व्यापारियों के खिलाफ जांच की जाएगी।
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अपर आयुक्त के निर्देशों पर कुमाऊं भर में बिल संकलित किए हैं। अब इन बिलों की जांच के लिए उप्र, उत्तराखंड के संबंधित अधिकारियों को भेजा जा रहा है।
- विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्य कर, सचल दस्ता प्रभारी
उप्र से बनाया जा रहा है समन्वय
हल्द्वानी। अपर आयुक्त बीएस नगन्याल कर चोरी रोकने के मकसद से बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद के राज्य कर अधिकारियों के साथ समन्वय भी स्थापित कर रहे हैं, ताकि बिल जांचने की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित नहीं रह जाए। इन बिलों की जांच हो और दोनों प्रदेशों को इसका लाभ मिले।