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नहीं मिला मानदेय, डाक्टरों ने किया कार्यबहिष्कार
Updated Fri, 09 Mar 2018 02:04 AM IST
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doctor shimla
हल्द्वानी। मानदेय न मिलने से नाराज पीजी जेआर (जूनियर रेजीडेंट) ने बृहस्पतिवार को तीन घंटे का कार्य बहिष्कार किया। सुशीला तिवारी अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर दो घंटे तक जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। कार्य बहिष्कार के चलते वार्डों में मरीज के तीमारदार परेशान होते रहे। तीमारदारों को इधर-उधर भटकना पड़ा। इमरजेंसी सेवाएं और ओपीडी वरिष्ठ डॉक्टरों के भरोसे रहीं। प्राचार्य के आश्वासन पर कार्यबहिष्कार वापस लिया गया मगर 20 अप्रैल तक भुगतान न होने पर बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी।
21 फरवरी को मानदेय न मिलने से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज में प्रदर्शन किया था और हड़ताल की चेतावनी दी थी। प्राचार्य ने एक सप्ताह के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया था। होली के बाद भी भुगतान न होने से नाराज 110 जूनियर डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक कार्य बहिष्कार किया। इमरजेंसी के बाहर डॉक्टरों ने नो पे नो वर्क का नारा लगाया। एक घंटे तक जूनियर डॉक्टरों ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने 20 अप्रैल तक भुगतान करने का आश्वासन दिया।
ये थी मांग
एक पीजी जेआर को प्रतिमाह 59 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। पीजी जेआर का नवंबर से लेकर मार्च तक का पांच माह का बकाया हो गया है। 110 पीजी जेआर का लगभग 64 लाख 90 हजार रुपये का भुगतान किया जाना है, जबकि पीजी जेआर का पिछले दो वर्षों का एरियर भी बकाया है। एक लाख रुपये से लेकर सवा लाख रुपये का एरियर दिया जाना है। एरियर का भी लगभग एक करोड़ 37 लाख 50 हजार रुपये बकाया है।
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21 फरवरी को मानदेय न मिलने से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज में प्रदर्शन किया था और हड़ताल की चेतावनी दी थी। प्राचार्य ने एक सप्ताह के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया था। होली के बाद भी भुगतान न होने से नाराज 110 जूनियर डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक कार्य बहिष्कार किया। इमरजेंसी के बाहर डॉक्टरों ने नो पे नो वर्क का नारा लगाया। एक घंटे तक जूनियर डॉक्टरों ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने 20 अप्रैल तक भुगतान करने का आश्वासन दिया।
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ये थी मांग
एक पीजी जेआर को प्रतिमाह 59 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। पीजी जेआर का नवंबर से लेकर मार्च तक का पांच माह का बकाया हो गया है। 110 पीजी जेआर का लगभग 64 लाख 90 हजार रुपये का भुगतान किया जाना है, जबकि पीजी जेआर का पिछले दो वर्षों का एरियर भी बकाया है। एक लाख रुपये से लेकर सवा लाख रुपये का एरियर दिया जाना है। एरियर का भी लगभग एक करोड़ 37 लाख 50 हजार रुपये बकाया है।
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