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एमपी पुलिस के हत्थे चढ़ा 71 लाख की जालसाजी का आरोपी
Updated Sun, 26 Nov 2017 02:18 AM IST
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हल्द्वानी। मध्यप्रदेश की पुलिस ने भोटिया पड़ाव शांतिनगर में शनिवार को छापा मारकर 71 लाख रुपये की जालसाजी के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उस पर एक शराब कंपनी के नाम पर खाता खोलकर पैसा डकारने का आरोप है। पुलिस उसके साथी की भी तलाश कर रही है।
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के उमरांवगंज थाने के सहायक उपनिरीक्षक नरेंद्र पांडेय ने कोतवाली पुलिस को बताया कि सोम डिस्टिलरी एवं ब्रेवरीज लिमिटेड रोजड़ाचक के पीआरओ आलोक मीणा ने धारा 409, 418, 420, 464, 465, 467, 468 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि शांतिनगर भोटिया पड़ाव हल्द्वानी निवासी लक्ष्मीकांत पसबोला पुत्र स्व. किशन दत्त पसबोला और अंबर जायसवाल निवासी देहरादून मिलकर उत्तराखंड में शराब का कारोबार करते हैं। इसी कारण दोनों का संपर्क शराब कंपनी से हुआ था। लक्ष्मीकांत ने देहरादून में पंजाब नेशनल बैंक और आईडीबीआई बैंक में कंपनी के नाम पर फर्जी खाता खोला। बैंक में लक्ष्मीकांत की आईडी का प्रयोग किया गया। दोनों खातों में कई लोगों से 71 लाख रुपये आरटीजेएस के माध्यम से डलवाए गए। इसके बाद इस रकम को निकाल लिया गया। मामले में पुलिस ने जांच की तो सारे तथ्य सामने आए। इस मामले में वांछित लक्ष्मीकांत को मध्यप्रदेश पुलिस ने कोतवाली पुलिस के सहयोग से शांतिनगर में छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि लक्ष्मीकांत का कहना था कि देहरादून निवासी पार्टनर अंबर जायसवाल ने उसकी आईडी का प्रयोग कर फर्जी खाता खुलवाया था। गिरफ्तारी के बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने आरोपी का अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दिया। अदालत ने इस मामले में आरोपी को लेकर जाने के लिए तीन दिन का रिमांड मंजूर किया है। एएसआई नरेंद्र पांडेय का कहना है कि अंबर जायसवाल को भी पुलिस तलाश कर रही है।
इंदिरा हृदयेश के वहां नौकरी कर चुका है लक्ष्मीकांत
बताया जा रहा है कि लक्ष्मीकांत पसबोला नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के वहां भी काम कर चुका है और सभासद का चुनाव भी लड़ चुका है। हालांकि इस बारे में इंदिरा हृदयेश का कहना है कि उसनेकाम किया था लेकिन वह खुद नौकरी छोड़कर चला गया था। इसके बाद वह लौटकर नहीं आया। कोतवाली थाने में पकड़े जाने पर भी लक्ष्मीकांत के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।
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मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के उमरांवगंज थाने के सहायक उपनिरीक्षक नरेंद्र पांडेय ने कोतवाली पुलिस को बताया कि सोम डिस्टिलरी एवं ब्रेवरीज लिमिटेड रोजड़ाचक के पीआरओ आलोक मीणा ने धारा 409, 418, 420, 464, 465, 467, 468 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि शांतिनगर भोटिया पड़ाव हल्द्वानी निवासी लक्ष्मीकांत पसबोला पुत्र स्व. किशन दत्त पसबोला और अंबर जायसवाल निवासी देहरादून मिलकर उत्तराखंड में शराब का कारोबार करते हैं। इसी कारण दोनों का संपर्क शराब कंपनी से हुआ था। लक्ष्मीकांत ने देहरादून में पंजाब नेशनल बैंक और आईडीबीआई बैंक में कंपनी के नाम पर फर्जी खाता खोला। बैंक में लक्ष्मीकांत की आईडी का प्रयोग किया गया। दोनों खातों में कई लोगों से 71 लाख रुपये आरटीजेएस के माध्यम से डलवाए गए। इसके बाद इस रकम को निकाल लिया गया। मामले में पुलिस ने जांच की तो सारे तथ्य सामने आए। इस मामले में वांछित लक्ष्मीकांत को मध्यप्रदेश पुलिस ने कोतवाली पुलिस के सहयोग से शांतिनगर में छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि लक्ष्मीकांत का कहना था कि देहरादून निवासी पार्टनर अंबर जायसवाल ने उसकी आईडी का प्रयोग कर फर्जी खाता खुलवाया था। गिरफ्तारी के बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने आरोपी का अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र दिया। अदालत ने इस मामले में आरोपी को लेकर जाने के लिए तीन दिन का रिमांड मंजूर किया है। एएसआई नरेंद्र पांडेय का कहना है कि अंबर जायसवाल को भी पुलिस तलाश कर रही है।
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इंदिरा हृदयेश के वहां नौकरी कर चुका है लक्ष्मीकांत
बताया जा रहा है कि लक्ष्मीकांत पसबोला नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के वहां भी काम कर चुका है और सभासद का चुनाव भी लड़ चुका है। हालांकि इस बारे में इंदिरा हृदयेश का कहना है कि उसनेकाम किया था लेकिन वह खुद नौकरी छोड़कर चला गया था। इसके बाद वह लौटकर नहीं आया। कोतवाली थाने में पकड़े जाने पर भी लक्ष्मीकांत के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।
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