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पेयजल संकट हल न होने से गुस्साए लोग
Updated Thu, 20 Jul 2017 02:18 AM IST
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। पेयजल संकट की स्थिति का स्थाई समाधान न होने से क्षेत्र के लोगों में गुस्सा हैं।
जगह-जगह पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने के कारण ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति अब साल भर बने रहती है। स्थानीय निवासी जगदीश पांडे का कहना है कि पेयजल संकट के कारण वह रोजाना लगभग दो किमी दूर भल्यूटी स्थित प्राकृतिक धारे में नहाने जाते हैं। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक और स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त जोगा राम पेयजल आपूर्ति के बाधित होने के साथ ही दूषित पेयजल आपूर्ति से खफा हैं। उनका आरोप है कि जल संस्थान पानी को शुद्ध किए बगैर ही उसका वितरण कर रहा है। इसके चलते बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार की मांग के बाद भी विभागीय अधिकारी समस्या को हल कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके चलते लोगों को बरसात में भी पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। ब्यूरो
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जगह-जगह पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने के कारण ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति अब साल भर बने रहती है। स्थानीय निवासी जगदीश पांडे का कहना है कि पेयजल संकट के कारण वह रोजाना लगभग दो किमी दूर भल्यूटी स्थित प्राकृतिक धारे में नहाने जाते हैं। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक और स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त जोगा राम पेयजल आपूर्ति के बाधित होने के साथ ही दूषित पेयजल आपूर्ति से खफा हैं। उनका आरोप है कि जल संस्थान पानी को शुद्ध किए बगैर ही उसका वितरण कर रहा है। इसके चलते बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार की मांग के बाद भी विभागीय अधिकारी समस्या को हल कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके चलते लोगों को बरसात में भी पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। ब्यूरो