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बच्चों का यौन शोषण रोकने को समाज में जन जागरूकता जरूरी
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हल्द्वानी में कार्यशाला
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। समाजशास्त्र विभाग एमबीपीजी कॉलेज की ओर से बृहस्पतिवार को कांफ्रेंस हॉल में संगोष्ठी हुई। इसमें मुख्य वक्ता डॉ. कमरुद्दीन ने पॉक्सो एक्ट के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। कहा कि कम उम्र के बच्चों का यौन शोषण सामाजिक और कानूनी अपराध है। बच्चों का यौन शोषण सिर्फ कानूनों के डर से दूर नहीं किया जा सकता, इसके लिए समाज में जनजागरूकता भी जरूरी है।
बताया कि यह एक्ट 2012 में प्रभावी हुआ। 2018 में इसमें अनेक संशोधनों को जोड़ा गया ताकि यह अधिक प्रभावी हो सके। इस एक्ट के तहत निश्चित सजा की व्यवस्था है। एनएसएस के जिला समन्वयक एमएल पांडे ने मतदाता जागरूकता अभियान की जानकारी दी। इस दौरान डॉ. दीपा गोवाड़ी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. एचएस भाकुनी, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एमपी सिंह, डॉ. अशोक कुमार, हिंदी विभाग से डॉ. विमला सिंह, रेखा पांडे, उर्वशी पांडे आदि ने विचार रखे। डॉ. एपी सिंह ने संचालन किया।
समाज में जनजागरूकता जरूरी
बच्चों का यौन शोषण रोकने के लिए एमबीपीजी कॉलेज में छात्र-छात्राओं को बताया पॉक्सो एक्ट
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बताया कि यह एक्ट 2012 में प्रभावी हुआ। 2018 में इसमें अनेक संशोधनों को जोड़ा गया ताकि यह अधिक प्रभावी हो सके। इस एक्ट के तहत निश्चित सजा की व्यवस्था है। एनएसएस के जिला समन्वयक एमएल पांडे ने मतदाता जागरूकता अभियान की जानकारी दी। इस दौरान डॉ. दीपा गोवाड़ी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. एचएस भाकुनी, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एमपी सिंह, डॉ. अशोक कुमार, हिंदी विभाग से डॉ. विमला सिंह, रेखा पांडे, उर्वशी पांडे आदि ने विचार रखे। डॉ. एपी सिंह ने संचालन किया।
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