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10 करोड़ की दवाएं नहीं बिकी
Updated Sat, 29 Sep 2018 01:48 AM IST
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हल्द्वानी। केंद्र सरकार के ड्रग पोर्टल नीति को बढ़ावा दिए जाने के विरोध में शुक्रवार को हल्द्वानी में आठ सौ मेडिकल स्टोर बंद रहे। एक दिन की बंदी में ही लगभग दस करोड़ रुपये की दवाओं की बिक्री नहीं हुई। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम से संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट और उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ ने शुक्रवार को बंद की घोषणा की थी। केंद्र सरकार ड्रग पोर्टल नीति को बढ़ावा दे रही है। साथ ही ऑनलाइन दवा का काम करने वाली कंपनियों को लाइसेंस दिए जा रहे हैं। इसके विरोध में सभी दवा व्यवसायी शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के सामने एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। दवा की दुकानें बंद होने के कारण मरीज और तीमारदार परेशान रहे। जेनेरिक दवाओं की दुकानें भी बंद रहीं। दवा व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम एपी बाजपेयी को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में नीरज कांडपाल, संजय सक्सेना, प्रेम मदान, शैलेंद्र पाठक, संजय बेलवाल, चंद्रशेखर सनवाल, नरेंद्र साहनी, प्रदीप जोशी, दीपक अग्रवाल, सुशील मोगिया, धर्मेंद्र जोशी, अरशद अंसारी, समीर आदि थे।
आठ सौ दुकानें बंद, दवा को तरसे मरीज
ऑनलाइन कारोबार का विरोध कर एसडीएम को दिया ज्ञापन
सामान्य मरीज को नहीं दी जेनेरिक दवा
हल्द्वानी। दवा की दुकानें बंद होने के कारण सिंचाई विभाग के एक अधिकारी अपने लिए दवा लेने गए मगर उन्हें जेनेरिक मेडिकल स्टोर से दवा नहीं मिली। शहर में सभी दवा की दुकानें बंद थीं। सुशीला तिवारी अस्पताल में खुली जेनेरिक मेडिकल स्टोर में दवा लेने पहुुंचे तो जवाब मिला कि हम सिर्फ अस्पताल में भर्ती मरीजों को ही दवा दे रहे हैं। जबकि मुखानी के जेनेरिक स्टोर से भी जवाब मिला कि आसपास के अस्पताल से जो पर्चे आ रहे हैं सिर्फ उन्हीं पर दवा दे रहे हैं।
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ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट और उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ ने शुक्रवार को बंद की घोषणा की थी। केंद्र सरकार ड्रग पोर्टल नीति को बढ़ावा दे रही है। साथ ही ऑनलाइन दवा का काम करने वाली कंपनियों को लाइसेंस दिए जा रहे हैं। इसके विरोध में सभी दवा व्यवसायी शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के सामने एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। दवा की दुकानें बंद होने के कारण मरीज और तीमारदार परेशान रहे। जेनेरिक दवाओं की दुकानें भी बंद रहीं। दवा व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम एपी बाजपेयी को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में नीरज कांडपाल, संजय सक्सेना, प्रेम मदान, शैलेंद्र पाठक, संजय बेलवाल, चंद्रशेखर सनवाल, नरेंद्र साहनी, प्रदीप जोशी, दीपक अग्रवाल, सुशील मोगिया, धर्मेंद्र जोशी, अरशद अंसारी, समीर आदि थे।
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आठ सौ दुकानें बंद, दवा को तरसे मरीज
ऑनलाइन कारोबार का विरोध कर एसडीएम को दिया ज्ञापन
सामान्य मरीज को नहीं दी जेनेरिक दवा
हल्द्वानी। दवा की दुकानें बंद होने के कारण सिंचाई विभाग के एक अधिकारी अपने लिए दवा लेने गए मगर उन्हें जेनेरिक मेडिकल स्टोर से दवा नहीं मिली। शहर में सभी दवा की दुकानें बंद थीं। सुशीला तिवारी अस्पताल में खुली जेनेरिक मेडिकल स्टोर में दवा लेने पहुुंचे तो जवाब मिला कि हम सिर्फ अस्पताल में भर्ती मरीजों को ही दवा दे रहे हैं। जबकि मुखानी के जेनेरिक स्टोर से भी जवाब मिला कि आसपास के अस्पताल से जो पर्चे आ रहे हैं सिर्फ उन्हीं पर दवा दे रहे हैं।
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