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आईजीएसटी के नए फार्म से भारत-तिब्बत व्यापार अटका
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:56 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। भारत-तिब्बत व्यापार में शामिल व्यापारियों के सामान को कागजी कमी का हवाला देते हुए गुंजी में रोके जाने से भारतीय व्यापारी खासे नाराज हैं। नेट न होने की वजह से आईजीएसटी के नए फार्म का प्रारूप इन्हें नहीं मिल पाया है। अब शनिवार को छपा हुआ नया फार्म हेलीकॉप्टर से गुंजी भेजने की संभावना है।
जीएसटी की नई शर्तें लागू होने के बाद भारत-चीन व्यापारी अपने सामान को आनलाइन दर्ज कराकर तिब्बत ले जा रहे हैं। विगत दिनों गुंजी में तैनात कस्टम अधिकारी ने सभी व्यापारियों को एआरएन नंबर के बिना सामान नहीं ले जाने देने को कहा। इसके बाद करीब चार दिन तक भारतीय व्यापारियों का सामान गुंजी में ही पड़ा रहा। इस बीच क्षेत्र में आई आपदा के चलते ऊपरी क्षेत्र के रास्ते ध्वस्त हो गए। इस पर भारतीय व्यापारियों ने अपनी समस्याएं धारचूला में लोगों को बताई।
धारचूला में रुके व्यापारी पिथौरागढ़ जाकर एआरएन नंबर ले आए। एआरएन नंबर की प्रति धारचूला कस्टम के अधीक्षक अनिल कुमार को भी उपलब्ध कराई गई। धारचूला के अधीक्षक ने व्यापारियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित व्यवस्था होने तक एआरएन के आधार पर सामान को जाने देने के आदेश दिए गए। व्यापारियों का आरोप है कि इसके बावजूद नए प्रारूप में ही दस्तावेज लाने को कहा जा रहा है।
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गुंजी से व्यापारी ज्ञानेश सिंह, तिब्बत से जीवन सिंह और कृष्ण सिंह ने कस्टम विभाग पर भारतीय व्यापारियों को जानबूझ कर परेशान करने का आरोप लगाया है। भारत-चीन व्यापार अधिकारी और एसडीएम आरके पांडेय ने कस्टम को उचित कदम उठाने को कहा है। धारचूला के कस्टम अधीक्षक ने कहा कि गुंजी में इंटरनेट और अन्य सुविधाएं नहीं होने के कारण नए प्रारूप का प्रिंट पर्याप्त संख्या में गुंजी भेजा जा रहा है।
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जीएसटी की नई शर्तें लागू होने के बाद भारत-चीन व्यापारी अपने सामान को आनलाइन दर्ज कराकर तिब्बत ले जा रहे हैं। विगत दिनों गुंजी में तैनात कस्टम अधिकारी ने सभी व्यापारियों को एआरएन नंबर के बिना सामान नहीं ले जाने देने को कहा। इसके बाद करीब चार दिन तक भारतीय व्यापारियों का सामान गुंजी में ही पड़ा रहा। इस बीच क्षेत्र में आई आपदा के चलते ऊपरी क्षेत्र के रास्ते ध्वस्त हो गए। इस पर भारतीय व्यापारियों ने अपनी समस्याएं धारचूला में लोगों को बताई।
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धारचूला में रुके व्यापारी पिथौरागढ़ जाकर एआरएन नंबर ले आए। एआरएन नंबर की प्रति धारचूला कस्टम के अधीक्षक अनिल कुमार को भी उपलब्ध कराई गई। धारचूला के अधीक्षक ने व्यापारियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित व्यवस्था होने तक एआरएन के आधार पर सामान को जाने देने के आदेश दिए गए। व्यापारियों का आरोप है कि इसके बावजूद नए प्रारूप में ही दस्तावेज लाने को कहा जा रहा है।
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गुंजी से व्यापारी ज्ञानेश सिंह, तिब्बत से जीवन सिंह और कृष्ण सिंह ने कस्टम विभाग पर भारतीय व्यापारियों को जानबूझ कर परेशान करने का आरोप लगाया है। भारत-चीन व्यापार अधिकारी और एसडीएम आरके पांडेय ने कस्टम को उचित कदम उठाने को कहा है। धारचूला के कस्टम अधीक्षक ने कहा कि गुंजी में इंटरनेट और अन्य सुविधाएं नहीं होने के कारण नए प्रारूप का प्रिंट पर्याप्त संख्या में गुंजी भेजा जा रहा है।