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जीतपुर रैक्वाल में लगाया गया उपकरण
Updated Mon, 22 Jan 2018 02:09 AM IST
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हल्द्वानी। गौला पार में हाथियों से निजात दिलाने के मकसद एनीडर्स उपकरण को परीक्षण के लिए जीतपुर रैक्वाल गांव में लगाया गया। रविवार की रात भर इस उपकरण की निगरानी की जाएगी। परीक्षण सफल रहता है तो हाथियों के आतंक वाले इलाकों में इस उपकरण को लगाया जाएगा।
हल्द्वानी वन प्रभाग की छकाता रेंज के अंतर्गत गौला पार के जीतपुर, किशनपुर रैक्वाल समेत आधा दर्जन गांवों में हाथियों का आतंक है। हाथियों के आतंक से छुटकारे को वन अधिकारियों ने पहल की है। रविवार को एनीडर्स कंपनी के दिल्ली से आए इंजीनियर शर्मा और छकाता रेंजर शालिनी जोशी ने जीतपुर रैक्वाल गांव में हाथी के आने वाले संभावित क्षेत्र में उपकरण लगाया।
शर्मा ने बताया कि यह उपकरण जंगली सुअर, बंदर, हाथी वगैरह को इंफ्रा रेड के जरिए पहचान कर लेगा और 10-20 मीटर की दूरी में आने पर तुरंत अजीब किस्म की आवाज निकालने लगा। जिससे जानवर खुद ब खुद खेतों से भाग जाएगा। वहीं आवाज सुनकर खेत की सुरक्षा में लगे पहरेदार भी आ सकते हैं इससे काफी हद तक फसलों का नुकसान नहीं होगा।
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उन्होंने बताया कि इस उपकरण में ट्रैपिंग कैमरा भी लगे हुए है इससे खेत की तरफ आने वाले वन्य जीव का चित्र भी आ जाएगा। रेंजर जोशी ने बताया कि अब रविवार की रात भर इस उपकरण की निगरानी की जाएगी। यदि उपकरण सफल रहता है तो हाथियों के आतंकित इलाके में लगाया जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान तारा सिंह बिष्ट, राकेश बहुगुणा समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।
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हल्द्वानी वन प्रभाग की छकाता रेंज के अंतर्गत गौला पार के जीतपुर, किशनपुर रैक्वाल समेत आधा दर्जन गांवों में हाथियों का आतंक है। हाथियों के आतंक से छुटकारे को वन अधिकारियों ने पहल की है। रविवार को एनीडर्स कंपनी के दिल्ली से आए इंजीनियर शर्मा और छकाता रेंजर शालिनी जोशी ने जीतपुर रैक्वाल गांव में हाथी के आने वाले संभावित क्षेत्र में उपकरण लगाया।
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शर्मा ने बताया कि यह उपकरण जंगली सुअर, बंदर, हाथी वगैरह को इंफ्रा रेड के जरिए पहचान कर लेगा और 10-20 मीटर की दूरी में आने पर तुरंत अजीब किस्म की आवाज निकालने लगा। जिससे जानवर खुद ब खुद खेतों से भाग जाएगा। वहीं आवाज सुनकर खेत की सुरक्षा में लगे पहरेदार भी आ सकते हैं इससे काफी हद तक फसलों का नुकसान नहीं होगा।
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उन्होंने बताया कि इस उपकरण में ट्रैपिंग कैमरा भी लगे हुए है इससे खेत की तरफ आने वाले वन्य जीव का चित्र भी आ जाएगा। रेंजर जोशी ने बताया कि अब रविवार की रात भर इस उपकरण की निगरानी की जाएगी। यदि उपकरण सफल रहता है तो हाथियों के आतंकित इलाके में लगाया जाएगा। इस दौरान ग्राम प्रधान तारा सिंह बिष्ट, राकेश बहुगुणा समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।