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वैदिक जीवन में संस्कार का विशेष महत्व
Updated Sun, 24 Dec 2017 02:29 AM IST
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हल्द्वानी। श्री महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय में हुई संस्कार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वैदिक जीवन में संस्कार का विशेष महत्व है। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक वस्तु का संस्कार करके ही उसे स्वरूप प्रदान किया जाता है।
संस्कार गोष्ठी में वक्ताओं ने सोलह संस्कारों की की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में संस्कारों को आवश्यक व अनिवार्य माना गया है। संस्कार भारतीयता की पहचान हैं। स्वामी परेशयति महाराज की अध्यक्षता और प्रधानाचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी के संचालन में हुई संस्कार गोष्ठी में पत्रकार ताराचंद्र गुरुरानी, डॉ. जगदीश चंद्र भट्ट, डॉ. केसी जोशी, डॉ. केसी सनवाल, डॉ. राजेश जोशी, छात्रसंघ अध्यक्ष हरीश जोशी, सचिव महेश जोशी आदि थे। इस मौके पर पत्रकार गुरुरानी ने महाविद्यालय छात्रावास के लिए रसोई गैस के दो सिलेंडर प्रदान किए। ब्यूरो
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संस्कार गोष्ठी में वक्ताओं ने सोलह संस्कारों की की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में संस्कारों को आवश्यक व अनिवार्य माना गया है। संस्कार भारतीयता की पहचान हैं। स्वामी परेशयति महाराज की अध्यक्षता और प्रधानाचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी के संचालन में हुई संस्कार गोष्ठी में पत्रकार ताराचंद्र गुरुरानी, डॉ. जगदीश चंद्र भट्ट, डॉ. केसी जोशी, डॉ. केसी सनवाल, डॉ. राजेश जोशी, छात्रसंघ अध्यक्ष हरीश जोशी, सचिव महेश जोशी आदि थे। इस मौके पर पत्रकार गुरुरानी ने महाविद्यालय छात्रावास के लिए रसोई गैस के दो सिलेंडर प्रदान किए। ब्यूरो
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