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आजादी के तथ्यों से रुबरु होंगे स्कूली बच्चे
Updated Tue, 08 Aug 2017 02:48 AM IST
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हल्द्वानी। रचनात्मक शिक्षक मंडल ने जिले के स्कूली बच्चों में साहित्यिक, सांस्कृतिक समझ विकसित करने और आजादी के वास्तविक तथ्यों की जानकारी देने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। प्रेमचंद जयंती पर साढ़े सात सौ से अधिक बच्चों के बीच कईं प्रतियोगिताएं कराने के बाद अब 28 सितंबर को भगत सिंह के जन्मदिवस पर स्कूलों में कार्यक्रम होेंगे।
संगठन ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए जिले के 30 हजार बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य लिया है। दो साल से शिक्षकों का यह संगठन बच्चों के बीच काम कर रहा है। संगठन चश्मे-ए-बचपन नाम से कला, सिनेमा, थिएटर की तीन कार्यशालाएं कर चुका है। राज्य संयोजक नवेंदु मठपाल ने बताया कि भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर बच्चों को इतिहास की जानकारी दी जाएगी। आजादी के आंदोलन से संबंधित एक चित्र तैयार करवाया गया है, जिसमें करीब एक हजार बच्चे रंग भरेंगे। एनसीईआरटी ने कुछ फिल्में बनाई हैं, उन्हें भी दिखाया जाएगा। संगठन ने हमारी विरासत नाम से पुस्तक तैयार की है, जिसमें प्रेमचंद्र की कहानियां, भगत सिंह के लेख आदि हैं। अगस्त अंतिम सप्ताह से 28 सितंबर तक हल्द्वानी, नैनीताल, रामनगर और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में स्टॉल लगाकर बच्चों को इस किताब के अलावा बाल साहित्य, आजादी का साहित्य उपलब्ध कराया जाएगा। ये कार्यक्रम नैनीताल के अलावा पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और अन्य जगहों पर हो रहे हैं।
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संगठन ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए जिले के 30 हजार बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य लिया है। दो साल से शिक्षकों का यह संगठन बच्चों के बीच काम कर रहा है। संगठन चश्मे-ए-बचपन नाम से कला, सिनेमा, थिएटर की तीन कार्यशालाएं कर चुका है। राज्य संयोजक नवेंदु मठपाल ने बताया कि भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर बच्चों को इतिहास की जानकारी दी जाएगी। आजादी के आंदोलन से संबंधित एक चित्र तैयार करवाया गया है, जिसमें करीब एक हजार बच्चे रंग भरेंगे। एनसीईआरटी ने कुछ फिल्में बनाई हैं, उन्हें भी दिखाया जाएगा। संगठन ने हमारी विरासत नाम से पुस्तक तैयार की है, जिसमें प्रेमचंद्र की कहानियां, भगत सिंह के लेख आदि हैं। अगस्त अंतिम सप्ताह से 28 सितंबर तक हल्द्वानी, नैनीताल, रामनगर और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में स्टॉल लगाकर बच्चों को इस किताब के अलावा बाल साहित्य, आजादी का साहित्य उपलब्ध कराया जाएगा। ये कार्यक्रम नैनीताल के अलावा पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और अन्य जगहों पर हो रहे हैं।
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