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पांच दशक तक चुनाव का साक्षी रहा पीपुल्स कालेज

Fri, 15 Mar 2019 01:28 AM IST
madan singh Madan Singh
Updated Fri, 15 Mar 2019 01:28 AM IST
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पांच दशक तक चुनाव का साक्षी रहा पीपुल्स कालेज
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हल्द्वानी। अब पीपुल्स कॉलेज का अस्तित्व न रहा हो लेकिन आजादी के बाद पांच दशक तक विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पीपुल्स कालेज की भूमिका अहम रही है। नैनीताल-बहेड़ी संसदीय सीट के लिए चुनाव हुए हों या फिर विधानसभा चुनाव। तब चुनाव संबंधी सभी कार्य पीपुल्स कॉलेज और उसके बराबर में स्थित एचएन इंटर कॉलेज परिसर से ही कराए जाते थे।
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जिला निर्वाचन कार्यालय मूल रुप से नैनीताल में स्थापित है लेकिन आजादी के बाद से ही विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान जिला निर्वाचन कार्यालय हल्द्वानी शिफ्ट किया जाता रहा है और तभी से चुनाव संबंधी सभी काम यहां से कराए जाते हैं। उच्च शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए केडी परगाई बताते हैं कि आजादी के बाद से ही नैनीताल में स्थानाभाव के कारण जिला निर्वाचन दफ्तर हल्द्वानी में स्थानांतरित किया जाता रहा है। पूर्व में यह कार्यालय यहां पीपुल्स कॉलेज से संचालित होता था। अलग राज्य बनने के बाद पीपुल्स कॉलेज से निर्वाचन दफ्तर को पूरी तरह से एमबी पीजी कालेज में शिफ्ट किया जाने लगा।
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सेवानिवृत्त शिक्षक विपिन चंद्र पांडे ने बताया कि उत्तराखंड राज्य गठन से पहले निर्वाचन संबंधी सभी कार्य पीपुल्स कॉलेज और एचएन इंटर कॉलेज से होते थे। एचएन इंटर कॉलेज में अधिग्रहीत किए गए वाहनों की पार्किंग, पुलिस, सुरक्षा बलों के ठहरने की व्यवस्था और मतपेटियों को रखने की व्यवस्था होती थी जबकि पीपुल्स कॉलेज से अन्य सभी कार्यों को कराया जाता था। वन विभाग से सेवानिवृत्त हुए हल्दूचौड़ निवासी और जनवादी लोक मंच के अध्यक्ष गोपाल दत्त पांडे बताते हैं कि अलग राज्य बनने से पहले तक एचएन इंटर कॉलेज में पोलिंग पार्टियों की रवानी और मतगणना संबंधी सामग्री बांटी जाती थी जबकि पीपुल्स कॉलेज में मतगणना कराई जाती थी।
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मेडिकल कॉलेज में स्थित पीपुल्स कॉलेज के भवन की इमारत, अब यहां नर्सिंग से जुड़ा कोर्स कराया जाता है।
पांच दशक तक चुनाव का साक्षी रहा पीपुल्स कॉलेज
अलग राज्य गठन के बाद एमबीपीजी में शिफ्ट हुआ था निर्वाचन दफ्तर
अतीत के झरोखे से
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