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आईआरएस सिस्टम से होगा आपदा प्रबंधन
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:04 AM IST
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हल्द्वानी। मानसून के दौरान होने वाली आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत, बचाव कार्यों के लिए जिले में इंसीडेंट रिस्पोंस सिस्टम (आईआरएस) प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। इस सिस्टम से न केवल जिले में राहत और बचाव कार्य संचालित होंगे बल्कि यदि कुमाऊं में कहीं कोई बड़ी आपदा आती है तो सिस्टम सक्रिय होकर राहत और बचाव संबंधी कार्य संचालित करेगा। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलग जिम्मेदारी देते हुए 11 टीमें गठित कर ली गई हैं।
आईआरएस सिस्टम के लिए विनोद कुमार सुमन रिस्पोंसेबल ऑफीसर (आरओ) और एसएसपी जन्मेजय खंडूरी कार्यवाहक आरओ के रूप में अगुवाई करेंगे। एडीएम हरबीर सिंह को एयर ऑपरेशन का नोडल अधिकारी और लाइजनिंग ऑफीसर, सीडीओ विनीत कुमार को इंसीडेंट कमांडर, लॉजिस्टिक सेक्शन प्रभारी के रूप में रखा गया है। आपदा संबंधी सूचनाओं के आदान प्रदान का जिम्मा जिला सूचना अधिकारी के पास होगा। समस्त एसडीएम, दमकल अधिकारी, लोनिवि के सहायक अभियंता, बीडी पांडे अस्पताल के मेडिकल ऑफीसर, पशु चिकित्सक, सीओ को सेफ्टी ऑफीसर के रूप में रखा गया है, जबकि एडीएम (वित्त एवं फाइनेंस) बीएल फिरमाल, जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह को ऑपरेशन सेक्शन का चीफ, डीडीओ रमा गोस्वामी को प्लानिंग सेक्शन का प्रभारी बनाया गया है। आईआरएस सिस्टम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की 11 टीमें गठित
हर टीम को सौंपा अलग अलग कार्यों का जिम्मा
मंडल में बड़ी आपदा पर हल्द्वानी होगा बेस
हल्द्वानी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार के मुताबिक कुमाऊं के किसी भी जिले में यदि आपदा की बड़ी घटना होती है तो आईआरएस सिस्टम के तहत हल्द्वानी को बेस बनाकर राहत और बचाव के कार्य होंगे। इसके लिए एफटीआई मैदान को स्टेयरिंग एरिया बनाया गया है। घायलों को एयर लिफ्ट करने से लेकर प्रभावित क्षेत्र में रसद, खाद्यान्न भिजवाने तक की व्यवस्था स्टेयरिंग एरिया से ही होगी। इस स्थिति में यातायात व्यवस्था का जिम्मा आरटीओ, एआरटीओ को, रेलवे संबंधी व्यवस्था के लिए वाणिज्य कर अधिकारी को और हवाई ऑपरेशन के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को जिम्मा सौंपा गया है।
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अफसरों को ऑटो मोड पर रहने के निर्देश
हल्द्वानी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष और डीएम विनोद कुमार सुमन ने आईआरएस सिस्टम में शामिल सभी अधिकारियों को ऑटो मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। ऑटो मोड यानी कि आपदा की स्थिति में प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को राहत, बचाव में खुद अपनी भूमिका को समझते हुए काम पर जुटना होगा। इसके लिए आपदा के दौरान किसी तरह के निर्देश अलग से जारी नहीं होंगे। आईआरएस के संचालन में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 उपधारा (क) व (ख) धारा 52, धारा 55 व धारा 56 उपधारा (क) व (ख) के तहत कार्रवाई होगी।
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आईआरएस सिस्टम के लिए विनोद कुमार सुमन रिस्पोंसेबल ऑफीसर (आरओ) और एसएसपी जन्मेजय खंडूरी कार्यवाहक आरओ के रूप में अगुवाई करेंगे। एडीएम हरबीर सिंह को एयर ऑपरेशन का नोडल अधिकारी और लाइजनिंग ऑफीसर, सीडीओ विनीत कुमार को इंसीडेंट कमांडर, लॉजिस्टिक सेक्शन प्रभारी के रूप में रखा गया है। आपदा संबंधी सूचनाओं के आदान प्रदान का जिम्मा जिला सूचना अधिकारी के पास होगा। समस्त एसडीएम, दमकल अधिकारी, लोनिवि के सहायक अभियंता, बीडी पांडे अस्पताल के मेडिकल ऑफीसर, पशु चिकित्सक, सीओ को सेफ्टी ऑफीसर के रूप में रखा गया है, जबकि एडीएम (वित्त एवं फाइनेंस) बीएल फिरमाल, जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह को ऑपरेशन सेक्शन का चीफ, डीडीओ रमा गोस्वामी को प्लानिंग सेक्शन का प्रभारी बनाया गया है। आईआरएस सिस्टम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की 11 टीमें गठित
हर टीम को सौंपा अलग अलग कार्यों का जिम्मा
मंडल में बड़ी आपदा पर हल्द्वानी होगा बेस
हल्द्वानी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार के मुताबिक कुमाऊं के किसी भी जिले में यदि आपदा की बड़ी घटना होती है तो आईआरएस सिस्टम के तहत हल्द्वानी को बेस बनाकर राहत और बचाव के कार्य होंगे। इसके लिए एफटीआई मैदान को स्टेयरिंग एरिया बनाया गया है। घायलों को एयर लिफ्ट करने से लेकर प्रभावित क्षेत्र में रसद, खाद्यान्न भिजवाने तक की व्यवस्था स्टेयरिंग एरिया से ही होगी। इस स्थिति में यातायात व्यवस्था का जिम्मा आरटीओ, एआरटीओ को, रेलवे संबंधी व्यवस्था के लिए वाणिज्य कर अधिकारी को और हवाई ऑपरेशन के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को जिम्मा सौंपा गया है।
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अफसरों को ऑटो मोड पर रहने के निर्देश
हल्द्वानी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष और डीएम विनोद कुमार सुमन ने आईआरएस सिस्टम में शामिल सभी अधिकारियों को ऑटो मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। ऑटो मोड यानी कि आपदा की स्थिति में प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को राहत, बचाव में खुद अपनी भूमिका को समझते हुए काम पर जुटना होगा। इसके लिए आपदा के दौरान किसी तरह के निर्देश अलग से जारी नहीं होंगे। आईआरएस के संचालन में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 उपधारा (क) व (ख) धारा 52, धारा 55 व धारा 56 उपधारा (क) व (ख) के तहत कार्रवाई होगी।