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अब नहीं होगा हरे चारे का संकट
Updated Mon, 09 Jul 2018 02:00 AM IST
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घटनास्थल का हाल रौंदा पड़ा लाही का खेत
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हल्द्वानी। आंचल ने साइलेज (हरा चारा) का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। 15 दिन में इसे बाजार में उतारने की तैयारी है। इसे दुग्ध समितियों के माध्यम से पशुपालकों को दिया जाएगा।
गर्मियां बढ़ने के साथ ही पहाड़ी जिलों में हरे चारे की समस्या उत्पन्न हो जाती है। भाबर क्षेत्र में भी हरा चारा कम हो जाता है। इसे देखते हुए यूसीडीएफ की बोर्ड बैठक में साइलेज (हरा चारा) बनाने का निर्णय लिया गया था। साथ ही दुग्ध समितियों के माध्यम से इसे बेचने का निर्णय भी लिया गया था। अब तक यूसीडीएफ रुद्रपुर में आंचल पशु आहार निमार्णशाला में भूसा, पशुआहार और मिनरल मिक्चर का उत्पादन करता है। अब इस प्लांट में साइलेज का उत्पादन भी शुरू हो गया है। आंचल पशुआहार निर्माणशाला के सामान्य प्रबंधक एचएस कुटौला ने बताया कि साइलेज बनने लग गया है। अभी इसके मूल्य का निर्धारण नहीं किया गया है।
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गर्मियां बढ़ने के साथ ही पहाड़ी जिलों में हरे चारे की समस्या उत्पन्न हो जाती है। भाबर क्षेत्र में भी हरा चारा कम हो जाता है। इसे देखते हुए यूसीडीएफ की बोर्ड बैठक में साइलेज (हरा चारा) बनाने का निर्णय लिया गया था। साथ ही दुग्ध समितियों के माध्यम से इसे बेचने का निर्णय भी लिया गया था। अब तक यूसीडीएफ रुद्रपुर में आंचल पशु आहार निमार्णशाला में भूसा, पशुआहार और मिनरल मिक्चर का उत्पादन करता है। अब इस प्लांट में साइलेज का उत्पादन भी शुरू हो गया है। आंचल पशुआहार निर्माणशाला के सामान्य प्रबंधक एचएस कुटौला ने बताया कि साइलेज बनने लग गया है। अभी इसके मूल्य का निर्धारण नहीं किया गया है।
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