{"_id":"5cba3281bdec22141d1a0057","slug":"11555706497-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलियानाले की जद में आने से जीआईसी और कैंट के भवनों को खाली करने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलियानाले की जद में आने से जीआईसी और कैंट के भवनों को खाली करने के निर्देश
विज्ञापन
nainital
- फोटो : file photo
नैनीताल। सरोवर नगरी के अस्तित्व से जुड़े बलियानाले में लगातार भूस्खलन होना चिंता का विषय बना है। अब जीएसआई की सर्वे रिपोर्ट ने चिंता की लकीरों को और भी गहरा कर दिया है। जीएसआई की ओर से किए गए सर्वे की रिपोर्ट में जीआईसी, छावनी परिषद के भवन समेत करीब 55 भवनों में खतरे की आशंका जताते हुए प्रशासन ने इन भवनों को खाली करने को लिए नोटिस जारी किए हैं।
दरअसल, बलियानाले में हो रहा भूस्खलन नैनीताल के लोगों के लिए काफी चिंता का कारण बना है। बीते कई वर्षों से जारी भूस्खलन के कारण हरिनगर क्षेत्र में संचालित होने वाले रईश होटल का अस्तित्व समाप्त हो गया, तो अब भूस्खलन के कारण आबादी वाला भाग खतरे की जद में आ गया है। पिछले वर्ष बरसात में बलियानाले में भूस्खलन का क्रम तेज होने कारण कृष्णापुर जाने वाला मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो चुका हैं। इस सभी बीच हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने जीएसआई के वैज्ञानिकों से प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराया था। वैज्ञानिकों की टीम ने बलियानाले की जद में आ रहे करीब दो सौ मीटर के दायरे का सर्वे किया था, जिसमें टीम ने उक्त परिधि में आ रहे भवनों की स्थिति और प्रभावों का अध्ययन कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी थी। जीएसआई की रिपोर्ट आने के बाद उक्त क्षेत्र में खतरे को देखते हुए शासन की ओर से जिला प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। वहीं शासन से मिले निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने प्रधानाचार्य जीआईसी तल्लीताल, मुख्य अधिशासी अधिकारी छावनी परिषद समेत अन्य परिवारों को नोटिस जारी कर संभावित खतरे को देखते हुए जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा है।
बलियानाले की जद में आए जीआईसी और कैंट के भवनों को खाली करने के निर्देश
- बलियानाले में हो रहे भूस्खलन को देखते हुए उठाया कदम
- जीएसआई की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने जारी किए नोटिस
- 22 अप्रैल को मुख्य सचिव बलियानाले के मुद्दे पर लेंगे बैठक
पहले भी करीब 20 परिवारों को किया जा चुका है विस्थापित
पिछले वर्ष बरसात के समय बलियानाले में तेजी से हो रहे भूस्खलन को देखते हुए हरिनगर क्षेत्र के करीब बीस परिवारों को विस्थापित किया गया था। इनमें से कुछ परिवारों को जीआईसी तल्लीताल में आसरा दिया गया था तो कुछ किराये पर कमरा लेकर रह रहे हैं। विस्थापित किए गए परिवार आज भी वहीं रह रहे हैं।
विज्ञापन
जीआईसी की पढ़ाई हो जाएगी बाधित
प्रशासन की ओर से संभावित खतरे को दर्शाते हुए भेजे गए नोटिस के बाद जीआईसी प्रशासन के लिए भी चिंताएं बढ़ गई हैं। स्कूलों को विस्थापित किया जाता है तो बच्चों की पढ़ाई तो बाधित होगी, तो वहीं नैनीताल में स्कूलों को किसी अन्य स्थान पर संचालित कराना शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
पालिका ने बंद करा दिया हरिनगर से कृष्णापुर जाने वाला मार्ग
बलियानाले में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण हरिनगर से कृष्णापुर को जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका था। साथ ही इस क्षतिग्रस्त मार्ग से गुजरते समय तीन लोगों की खाई में गिरने से मौत भी हो चुकी है। जिसे देखते हुए पालिका प्रशासन की ओर से इस मार्ग को आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था और स्थानीय लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था।
22 अप्रैल को मुख्य सचिव बलियानाले के विषय पर लेंगे बैठक
मुख्य सचिव 22 अप्रैल को देहरादून में बलियानाले को लेकर अब तक हो चुके सर्वे और सर्वे रिपोर्टों के विषय पर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि बैठक में पूर्व वर्षों में हो चुके कामों की समीक्षा भी की जाएगी, वहीं भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की जा सकती है।
नैनीताल-भवाली मार्ग पर भी है खतरा
बलियानाले में हो रहे भूस्खलन का असर नैनीताल से भवाली को जाने वाले मार्ग पर भी देखा जा सकता है। इस मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क के काफी बड़े भाग में धंसाव देखा गया है और बरसात थमने के बाद धंसाव की घटना काफी बढ़ जाती है। वहीं लोनिवि उक्त क्षेत्र में हुए धंसाव को भर देता है, लेकिन यह क्रम लगातार जारी है। तो जीएसआई की रिपोर्ट के बाद छावनी परिषद के अधिशासी अधिकारी को सुरक्षा के लिहाज से पत्र जारी करना चिंता को बढ़ा देता है।
जीएसआई द्वारा बलियानाले में हो रहे भूस्खलन को लेकर किए गए सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद मिले निर्देशों के क्रम में सुरक्षा के लिहाज से नोटिस जारी किए गए हैं। 22 अप्रैल को होने वाली बैठक के बाद ही आगे की कार्रवाई के विषय में कुछ कहा जा सकेगा। - विनोद कुमार, एसडीएम नैनीताल।
विज्ञापन
दरअसल, बलियानाले में हो रहा भूस्खलन नैनीताल के लोगों के लिए काफी चिंता का कारण बना है। बीते कई वर्षों से जारी भूस्खलन के कारण हरिनगर क्षेत्र में संचालित होने वाले रईश होटल का अस्तित्व समाप्त हो गया, तो अब भूस्खलन के कारण आबादी वाला भाग खतरे की जद में आ गया है। पिछले वर्ष बरसात में बलियानाले में भूस्खलन का क्रम तेज होने कारण कृष्णापुर जाने वाला मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो चुका हैं। इस सभी बीच हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने जीएसआई के वैज्ञानिकों से प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराया था। वैज्ञानिकों की टीम ने बलियानाले की जद में आ रहे करीब दो सौ मीटर के दायरे का सर्वे किया था, जिसमें टीम ने उक्त परिधि में आ रहे भवनों की स्थिति और प्रभावों का अध्ययन कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी थी। जीएसआई की रिपोर्ट आने के बाद उक्त क्षेत्र में खतरे को देखते हुए शासन की ओर से जिला प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। वहीं शासन से मिले निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने प्रधानाचार्य जीआईसी तल्लीताल, मुख्य अधिशासी अधिकारी छावनी परिषद समेत अन्य परिवारों को नोटिस जारी कर संभावित खतरे को देखते हुए जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा है।
विज्ञापन
बलियानाले की जद में आए जीआईसी और कैंट के भवनों को खाली करने के निर्देश
- बलियानाले में हो रहे भूस्खलन को देखते हुए उठाया कदम
- जीएसआई की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने जारी किए नोटिस
- 22 अप्रैल को मुख्य सचिव बलियानाले के मुद्दे पर लेंगे बैठक
पहले भी करीब 20 परिवारों को किया जा चुका है विस्थापित
पिछले वर्ष बरसात के समय बलियानाले में तेजी से हो रहे भूस्खलन को देखते हुए हरिनगर क्षेत्र के करीब बीस परिवारों को विस्थापित किया गया था। इनमें से कुछ परिवारों को जीआईसी तल्लीताल में आसरा दिया गया था तो कुछ किराये पर कमरा लेकर रह रहे हैं। विस्थापित किए गए परिवार आज भी वहीं रह रहे हैं।
विज्ञापन
जीआईसी की पढ़ाई हो जाएगी बाधित
प्रशासन की ओर से संभावित खतरे को दर्शाते हुए भेजे गए नोटिस के बाद जीआईसी प्रशासन के लिए भी चिंताएं बढ़ गई हैं। स्कूलों को विस्थापित किया जाता है तो बच्चों की पढ़ाई तो बाधित होगी, तो वहीं नैनीताल में स्कूलों को किसी अन्य स्थान पर संचालित कराना शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
पालिका ने बंद करा दिया हरिनगर से कृष्णापुर जाने वाला मार्ग
बलियानाले में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण हरिनगर से कृष्णापुर को जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका था। साथ ही इस क्षतिग्रस्त मार्ग से गुजरते समय तीन लोगों की खाई में गिरने से मौत भी हो चुकी है। जिसे देखते हुए पालिका प्रशासन की ओर से इस मार्ग को आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था और स्थानीय लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था।
22 अप्रैल को मुख्य सचिव बलियानाले के विषय पर लेंगे बैठक
मुख्य सचिव 22 अप्रैल को देहरादून में बलियानाले को लेकर अब तक हो चुके सर्वे और सर्वे रिपोर्टों के विषय पर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि बैठक में पूर्व वर्षों में हो चुके कामों की समीक्षा भी की जाएगी, वहीं भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की जा सकती है।
नैनीताल-भवाली मार्ग पर भी है खतरा
बलियानाले में हो रहे भूस्खलन का असर नैनीताल से भवाली को जाने वाले मार्ग पर भी देखा जा सकता है। इस मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क के काफी बड़े भाग में धंसाव देखा गया है और बरसात थमने के बाद धंसाव की घटना काफी बढ़ जाती है। वहीं लोनिवि उक्त क्षेत्र में हुए धंसाव को भर देता है, लेकिन यह क्रम लगातार जारी है। तो जीएसआई की रिपोर्ट के बाद छावनी परिषद के अधिशासी अधिकारी को सुरक्षा के लिहाज से पत्र जारी करना चिंता को बढ़ा देता है।
जीएसआई द्वारा बलियानाले में हो रहे भूस्खलन को लेकर किए गए सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद मिले निर्देशों के क्रम में सुरक्षा के लिहाज से नोटिस जारी किए गए हैं। 22 अप्रैल को होने वाली बैठक के बाद ही आगे की कार्रवाई के विषय में कुछ कहा जा सकेगा। - विनोद कुमार, एसडीएम नैनीताल।