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अध्यापक हिंदी माध्यम के और विज्ञान पढ़ाएंगे आंग्रेजी माध्ययम में
Updated Wed, 11 Apr 2018 02:05 AM IST
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हल्द्वानी। शिक्षा महकमे ने नये सत्र से प्राइमरी में कक्षा तीन और जूनियर में कक्षा छह में विज्ञान विषय अंग्रेजी माध्यम से एनसीईआरटी की पुस्तक से पढ़ाने के आदेश जारी अध्यापकों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। जिन अध्यापकों ने जिंदगी भर हिंदी माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाया अब उनके सामने अंग्रेजी में बच्चों को विज्ञान पढ़ाने की चुनौती है।
कुछ समय पूर्व ही प्राइमरी पाठशाला में कक्षा तीन और जूनियर हाइस्कूल में कक्षा छह में विज्ञान विषय अंग्रेजी माध्यम से एनसीईआरटी पुस्तक से पढ़ाने के आदेश जारी किया था। शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने दबाव बनाया तो महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने 15 फरवरी को तीसरी बार यह फरमान जारी किया लेकिन इसकी कोई तैयारी नहीं की। शिक्षकों को न तो कोई प्रशिक्षण दिया गया और न ही अंग्रेजी में पढ़ाने की इनकी परेशानी दूर की गई। प्राइमरी और जूनियर के जिन अध्यापकों ने कभी अंग्रेजी नहीं पढ़ी या फिर हिंदी माध्यम से पढ़कर बेसिक शिक्षा की नौकरी में आए, वे अध्यापक अंग्रेजी माध्यम से विज्ञान विषय नहीं पढ़ा पा रहे हैं।
- प्राइमरी स्कूल 977, अध्ययनरत बच्चे करीब 42 हजार
- जूनियर हाइस्कूल 222, अध्ययनरत बच्चे करीब 26 हजार
- जिले में प्राइमरी और जूनियर के अध्यापकों की संख्या करीब 2500
- वर्ष 2012 से पहले इंटर पास युवाओं की बीटीसी करने के बाद बन जाते थे अध्यापक
- कई जूनियर हाइस्कूलों में आठवीं पास एवं हाइस्कूल पास पढ़ा रहे हैं पुराने अध्यापक
- प्राइमरी स्कूलों में नहीं होते विषय अध्यापक, एक ही अध्यापक पढ़ाता है सभी विषय
- अंग्रेजी माध्यम से विज्ञान विषय एनसीईआरटी पुस्तक पढ़ाने में कोई समस्या नहीं आएगी। अगर किसी अध्यापक के सामने पढ़ाने में दिक्कत होगी तो विभाग ऐसे अध्यापकों की सूची बनाकर उनका प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करेगा।
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- गोपाल स्वरूप भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक)
- विभाग का आदेश है तो अध्यापकों को पढ़ाना तो होगा ही। अगर अंग्रेजी में विज्ञान पढ़ाने का फैसला लागू करने से पहले अध्यापकों को इसका प्रशिक्षण दे दिया जाता तो और बेहतर होता।
- डिकर सिंह पडियार, जिलामंत्री प्राथमिक शिक्षक संगठन, नैनीताल
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कुछ समय पूर्व ही प्राइमरी पाठशाला में कक्षा तीन और जूनियर हाइस्कूल में कक्षा छह में विज्ञान विषय अंग्रेजी माध्यम से एनसीईआरटी पुस्तक से पढ़ाने के आदेश जारी किया था। शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने दबाव बनाया तो महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने 15 फरवरी को तीसरी बार यह फरमान जारी किया लेकिन इसकी कोई तैयारी नहीं की। शिक्षकों को न तो कोई प्रशिक्षण दिया गया और न ही अंग्रेजी में पढ़ाने की इनकी परेशानी दूर की गई। प्राइमरी और जूनियर के जिन अध्यापकों ने कभी अंग्रेजी नहीं पढ़ी या फिर हिंदी माध्यम से पढ़कर बेसिक शिक्षा की नौकरी में आए, वे अध्यापक अंग्रेजी माध्यम से विज्ञान विषय नहीं पढ़ा पा रहे हैं।
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- प्राइमरी स्कूल 977, अध्ययनरत बच्चे करीब 42 हजार
- जूनियर हाइस्कूल 222, अध्ययनरत बच्चे करीब 26 हजार
- जिले में प्राइमरी और जूनियर के अध्यापकों की संख्या करीब 2500
- वर्ष 2012 से पहले इंटर पास युवाओं की बीटीसी करने के बाद बन जाते थे अध्यापक
- कई जूनियर हाइस्कूलों में आठवीं पास एवं हाइस्कूल पास पढ़ा रहे हैं पुराने अध्यापक
- प्राइमरी स्कूलों में नहीं होते विषय अध्यापक, एक ही अध्यापक पढ़ाता है सभी विषय
- अंग्रेजी माध्यम से विज्ञान विषय एनसीईआरटी पुस्तक पढ़ाने में कोई समस्या नहीं आएगी। अगर किसी अध्यापक के सामने पढ़ाने में दिक्कत होगी तो विभाग ऐसे अध्यापकों की सूची बनाकर उनका प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करेगा।
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- गोपाल स्वरूप भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक)
- विभाग का आदेश है तो अध्यापकों को पढ़ाना तो होगा ही। अगर अंग्रेजी में विज्ञान पढ़ाने का फैसला लागू करने से पहले अध्यापकों को इसका प्रशिक्षण दे दिया जाता तो और बेहतर होता।
- डिकर सिंह पडियार, जिलामंत्री प्राथमिक शिक्षक संगठन, नैनीताल