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तड़प रहे हृदय रोगी, वीआरएस लेकर चले गए डॉक्टर साहब
Updated Sun, 14 Jan 2018 02:13 AM IST
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नैनीताल। जिला अस्पताल का हृदय रोग विभाग सफेद हाथी बना हुआ है। हृदय रोग विशेषज्ञ के वीआरएस लेकर जाने के बाद चार महीने से यहां किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है। जबकि शहर और आसपास के इलाकों में सर्दियों के कारण हृदय रोगी बढ़ गए हैं।
बीडी पांडेय जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. केबी जोशी ने सितंबर में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले लिया। हालांकि डा. जोशी को बीआरएस देने या न देने पर सरकार विचार कर रही है। सर्दियों से ठीक पहले हृदय रोग विशेषज्ञ का वीआरएस ले लेना, रोगियों के लिए मुसीबत बन गया है। उधर, हृदय रोगियों को देखने की जिम्मेदारी फिजीशियन को दी गई है। इसलिए अधिकतर मरीजों को यहां से बाहर रेफर किया जा रहा है। पिछले चार महीने से यहां आने वाले गरीब मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। हृदय रोगियों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
तैनाती के चल रहे प्रयास
जिला अस्पताल के प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेश शाह ने बताया कि शासन स्तर पर 112 डॉक्टरों की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। आशा है कि इसमें जिला अस्पताल को एक हृदय रोग विशेषज्ञ मिल जाए।
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प्रतिदिन आ रहे सात से दस केस
जिला अस्पताल में हर दिन सात से दस केस हृदय रोगों से संबंधित आ रहे हैं। इनमें कुछ नए मरीज और कुछ पुराने मरीज शामिल हैं। डा. जोशी की तैनाती के दौरान यह संख्या 15 तक थी।
जिला अस्पताल में पिछले चार माह से कोई हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। ऐसे में हृदय रोगियों को फिजीशियन ही देखते हैं। जल्द किसी अन्य हृदय रोग विशेषज्ञ के आने की संभावना है।
- डा. राजेश शाह, प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
बीडी पांडेय जिला अस्पताल, नैनीताल
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बीडी पांडेय जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. केबी जोशी ने सितंबर में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले लिया। हालांकि डा. जोशी को बीआरएस देने या न देने पर सरकार विचार कर रही है। सर्दियों से ठीक पहले हृदय रोग विशेषज्ञ का वीआरएस ले लेना, रोगियों के लिए मुसीबत बन गया है। उधर, हृदय रोगियों को देखने की जिम्मेदारी फिजीशियन को दी गई है। इसलिए अधिकतर मरीजों को यहां से बाहर रेफर किया जा रहा है। पिछले चार महीने से यहां आने वाले गरीब मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। हृदय रोगियों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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तैनाती के चल रहे प्रयास
जिला अस्पताल के प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेश शाह ने बताया कि शासन स्तर पर 112 डॉक्टरों की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। आशा है कि इसमें जिला अस्पताल को एक हृदय रोग विशेषज्ञ मिल जाए।
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प्रतिदिन आ रहे सात से दस केस
जिला अस्पताल में हर दिन सात से दस केस हृदय रोगों से संबंधित आ रहे हैं। इनमें कुछ नए मरीज और कुछ पुराने मरीज शामिल हैं। डा. जोशी की तैनाती के दौरान यह संख्या 15 तक थी।
जिला अस्पताल में पिछले चार माह से कोई हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। ऐसे में हृदय रोगियों को फिजीशियन ही देखते हैं। जल्द किसी अन्य हृदय रोग विशेषज्ञ के आने की संभावना है।
- डा. राजेश शाह, प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
बीडी पांडेय जिला अस्पताल, नैनीताल